25/10/2025
*🚆🔥🔥 राष्ट्रव्यापी सामूहिक उपवास – दिसंबर 2025 🔥🔥*
रेलवे रनिंग स्टाफ के लिए न्याय – सम्मान, सुरक्षा और कौशल वेतन अभी चाहिए
प्रेरणा: 1973 AILRSA हड़ताल और 1974 रेलवे क्रांति — 2025 की पीढ़ी द्वारा पुनर्जीवित
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*🇮🇳 प्रस्तावना – भारत के ट्रेन चालकों की आवाज़*
हम, भारतीय रेलवे के लोको पायलट (LP) और सहायक लोको पायलट (ALP), राष्ट्र की जीवनरेखा हैं।
हर ट्रेन, हर यात्री, हर माल — हमारी जिम्मेदारी है।
लेकिन हमारी ज़िंदगी तनाव, लंबे कार्य घंटे, खराब स्वास्थ्य और अनुचित वेतन से भरी है।
हमें सहानुभूति नहीं चाहिए — हमें न्याय, सम्मान और बदलाव चाहिए।
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*⚖️ अनुभाग 1 – जिम्मेदार भूमिका, लेकिन गुलामों जैसा व्यवहार*
लोको पायलट ट्रेन की सुरक्षा के लिए अंतिम निर्णय लेते हैं।
हम ब्रेक फेल, सिग्नल समस्या और आपात स्थितियों को संभालते हैं।
लेकिन हम रोज़ 12–14 घंटे काम करते हैं, आराम या भोजन पर कोई नियंत्रण नहीं।
हम हमेशा मानसिक और शारीरिक रूप से थके रहते हैं।
हम जीवन बचाते हैं — लेकिन हमें सही आराम नहीं मिलता।
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*📉 अनुभाग 2 – भर्ती संकट और गिरता मनोबल*
2018 से ALP की रिक्तियाँ 50% तक घट चुकी हैं।
नए आवेदक कम हो रहे हैं।
स्थानांतरण डेटा पुराना है, जिससे वास्तविक स्टाफ की कमी छिपाई जा रही है।
इससे काम का बोझ बढ़ता है और प्रेरणा घटती है।
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*🏛️ अनुभाग 3 – पुरानी पदानुक्रम अब भी हावी*
ALP को 120+ दिनों की ट्रेनिंग के बाद ₹1,900 ग्रेड पे मिलता है।
LP को वर्षों के अनुभव के बाद ₹4,200 मिलता है।
लेकिन ट्रेन मैनेजर को सिर्फ 40–60 दिनों की ट्रेनिंग के बाद ₹4,200 मिल जाता है।
यह प्रणाली कौशल और जोखिम को नज़रअंदाज़ करती है — अब समान कौशल के लिए समान वेतन चाहिए।
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*🩺 अनुभाग 4 – स्वास्थ्य समस्याएँ और नियमों का उल्लंघन*
- 36% लोको पायलट उच्च रक्तचाप और थकावट से पीड़ित हैं।
- महिला LP को शौचालय और विश्राम क्षेत्र की कमी के कारण अतिरिक्त समस्याएँ होती हैं।
- NHRC निर्देश (2016): लोको कैब में शौचालय और AC अनिवार्य हैं।
- RBE संख्या 143/2016: ड्यूटी 9 घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- राज्यसभा रिपोर्ट (2023): 83.6% ड्यूटी इस नियम का उल्लंघन करती हैं।
*“जब थकावट ध्यान की जगह लेती है, तो सुरक्षा खतरे में पड़ती है।”*
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*⚙️ अनुभाग 5 – लोको कैब में तुरंत सुधार ज़रूरी*
पुराने लोको जैसे WAG-5, WAG-7, WAP-1, WAP-4 में खराब सीटें और असुरक्षित प्रवेश है।
ये RDSO और रेलवे सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हैं।
यहाँ तक कि नए लोको में भी कमर को सहारा देने वाली सीटें और जलवायु-सुरक्षित कैबिन नहीं हैं।
यह श्रमिक सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन है।
हमारी माँगें:
- पूर्ण एर्गोनॉमिक ऑडिट
- सीटों का उन्नयन
- डिज़ाइन में चालक दल की भागीदारी
- NHRC आदेश के अनुसार शौचालय और AC की व्यवस्था
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*🎓 अनुभाग 6 – निपुणता है, लेकिन कोई अतिरिक्त वेतन नहीं*
LP और ALP को वंदे भारत, WAG12, WAP7, कवच और TPWS जैसे उन्नत सिस्टम चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है।
लेकिन किसी भी प्रकार का “स्किल अलाउंस” नहीं दिया जाता।
हमारी माँगें:
- हर उन्नत ट्रेनिंग के लिए स्किल अलाउंस
- उन्नत कौशल की मान्यता
- समान कौशल के लिए समान वेतन
*“एक कौशल – एक भत्ता। समान कौशल – समान वेतन!”*
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*⚖️ अनुभाग 7 – नियम 14(ii) का दुरुपयोग बंद करो*
नियम 14(ii) गंभीर अनुशासनहीनता के लिए है।
लेकिन इसे थकावट के कारण रुकने वाले कर्मचारियों पर लागू किया जा रहा है।
- सुप्रीम कोर्ट (1979): थकावट अनुशासनहीनता नहीं है।
- मास्टर सर्कुलर 41: लीव रिज़र्व 15–30% होना चाहिए। अधिकांश ज़ोन में यह 10% से भी कम है।
हमारी माँगें:
- कार्रवाई से पहले थकावट की जांच
- यूनियन समर्थित जांच प्रक्रिया
- लीव रिज़र्व की बहाली
- 9 घंटे की ड्यूटी सीमा का सख्त पालन
*“थकावट के कारण रुकना अवज्ञा नहीं — आत्म-सुरक्षा है।”*
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*💰 अनुभाग 8 – वेतन समस्याएँ, भत्तों की अस्वीकृति और पदोन्नति नहीं*
ALP की प्रारंभिक सैलरी ₹19,900 है — सबसे कम, जबकि वे कुशल कर्मचारी हैं।
पदोन्नति फर्जी रिक्तियों के डेटा के कारण रुकी हुई है।
2017 से कोई कैडर पुनर्गठन नहीं हुआ।
- रनिंग अलाउंस पर अब भी पूरा टैक्स लगता है।
- आयकर अधिनियम की धारा 10(14) में छूट का प्रावधान है — लेकिन अधिसूचित नहीं किया गया।
- फरवरी 2025 में 25% KMA वृद्धि की पुष्टि हुई — लेकिन अभी तक लागू नहीं।
- RBE संख्या 07/2025: DA 50% पार करने पर KMA बढ़ना चाहिए (जनवरी 2024 में पार हो चुका)।
हमारी माँगें:
- रनिंग अलाउंस पर 70% टैक्स छूट
- सभी ज़ोन में 25% KMA वृद्धि
- ग्रुप C तकनीकी स्टाफ के बराबर वेतन
- हर 5 साल में पदोन्नति और पुनर्गठन
*“मौखिक वादे हमारे परिवारों का पेट नहीं भरते — वित्तीय न्याय को तुरंत लागू करो।”*
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*🔍 अनुभाग 9 – ट्रांसफर और रिक्तियों की सच्चाई*
ट्रांसफर का उपयोग असली रिक्तियों को छिपाने और भर्ती को रोकने के लिए किया जा रहा है।
हमारी माँगें:
- सभी ट्रांसफर को शामिल करते हुए जनशक्ति सर्वेक्षण
- HRMS पर लाइव रिक्ति प्रदर्शन
- वास्तविक कमी के आधार पर RRB ALP भर्ती
- CPO और बोर्ड विजिलेंस द्वारा स्वतंत्र निगरानी
*“ट्रांसफर के बहाने नहीं — असली रिक्तियाँ दिखाओ!”*
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*🍱 अनुभाग 10 – रनिंग रूम और भोजन सुधार*
कई ज़ोन में रनिंग रूम की सफाई और भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब है।
हमारी माँगें:
- रेलवे अधिकारियों द्वारा साप्ताहिक सरप्राइज़ भोजन जांच
- भोजन ठेकेदारों की समाप्ति
- रसोई पर रेलवे या IRCTC का नियंत्रण
- निरीक्षण रिपोर्ट का सार्वजनिक प्रदर्शन
- निरीक्षण टीमों में LP/ALP प्रतिनिधि
*“अच्छा भोजन पाने वाला पायलट — सुरक्षित ट्रेन चलाता है।”*
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*🧾 अनुभाग 11 – हमारा 2025 चार्टर*
हमारी माँगें नियमों और तथ्यों पर आधारित हैं:
1. उन्नत लोको ट्रेनिंग के लिए स्किल अलाउंस
2. एर्गोनॉमिक कैब पुनः डिज़ाइन
3. स्वास्थ्य और कल्याण कार्यक्रम
4. थकावट सुरक्षा के साथ नियम 14(ii) में सुधार
5. लीव रिज़र्व की बहाली
6. 9 घंटे की ड्यूटी और साप्ताहिक विश्राम का पालन
7. वेतन समानता और कैडर पुनर्गठन
8. आयकर और KMA भत्ते का कार्यान्वयन
9. ट्रांसफर सर्वेक्षण और रिक्तियों की पारदर्शिता
10. भोजन निरीक्षण और ठेकेदार हटाना
11. क्रू वेलफेयर के लिए राष्ट्रीय आयोग
12. DA 50% पार होने पर 25% KMA वृद्धि — रेलवे बोर्ड की सिफारिश के अनुसार
13. 1973 समझौते की पुनर्पुष्टि – संसद में घोषित 10 घंटे की ड्यूटी सीमा
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*🔥🔥🔥🗓️ अंतिम आह्वान – न्याय के लिए 48 घंटे का उपवास 🔥🔥🔥*
2 से 4 दिसंबर 2025 तक, भारत भर के रेलवे रनिंग स्टाफ 48 घंटे का उपवास करेंगे — वर्षों से लंबित न्याय की माँग के लिए।
यह शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन उजागर करता है:
- वेतन और भत्तों की अनसुलझी समस्याएँ
- असुरक्षित कार्य स्थितियाँ और अनदेखी थकावट सीमाएँ
- उन्नत कौशल की अनदेखी
- पदोन्नति और पुनर्गठन में देरी
“हम बिना आराम के ट्रेन चलाते हैं — अब बिना भोजन के उपवास करते हैं। यह मौन शब्दों से ज़्यादा बोलेगा।”
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द्वारा प्रस्तुत:
*K.C. जेम्स*
महासचिव, AILRSA