04/10/2026
बॉस, एशियन गेम्स के पहले दिन से जिस चमचमाते गोल्ड मेडल का वनवास खटक रहा था, वो आखिरकार हिंदुस्तान-पाकिस्तान के इस हाई-वोल्टेज महासंग्राम में आकर खत्म हुआ! और वो भी हमारे 19वें राजसी गोल्ड के रूप में! सच कहूं तो जिस पल टॉस का सिक्का अपने हक में गिरा, उसी वक्त मुझे अंदर से फील आ गया था कि आज पाकिस्तानियों का बोरिया-बिस्तर बंधना एकदम तय है। वजह शीशे की तरह साफ थी पिच भयंकर मुश्किल थी, और ऐसे विकेट पर पहले बैटिंग करके स्कोरबोर्ड पर रनों का एवरेस्ट खड़ा कर देना ही आधी जंग जीतने के बराबर था। टीम इंडिया ने मैदान पर एकदम यही मास्टरमाइंड रणनीति अपनाई।
अभिषेक शर्मा (61) ने आज जिस मैच्योरिटी के साथ बैटिंग की, उसने उन तमाम आलोचकों के मुंह पर सरेआम टेप चिपका दिया जो उसे सिर्फ आंख बंद करके बल्ला घुमाने वाला लप्पेबाज मानते थे। इस लड़के ने डंके की चोट पर साबित कर दिया कि मुश्किल पिचों पर कैसे टिककर गेंदबाजों का धागा खोला जाता है। इसके बाद कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन ने जो सूझबूझ दिखाई, वो किसी मास्टरक्लास से कम नहीं थी। कई बार टी-20 के दीवानों को ऐसी बैटिंग स्लो लग सकती है, लेकिन बॉस, जब पिच नागिन की तरह डस रही हो, तो विकेट बचाकर डेथ ओवर्स के लिए बारूद इकट्ठा करना ही सबसे फौलादी रणनीति होती है। इन दोनों ने यही किया और अंत के तूफान के लिए एक मंच सजा दिया।
और फिर एंट्री हुई तिलक वर्मा (51) और शिवम दुबे की, जिन्होंने क्रीज पर आते ही पाकिस्तानी गेंदबाजों का ऐसा गुरूर तोड़ा कि मैच का पूरा नक्शा ही पलट गया! मुझे तिलक वर्मा की बैटिंग की यही क्लास सबसे ज्यादा पसंद है। ये लड़का 3 से लेकर 7 नंबर तक कहीं भी एकदम परफेक्ट फिट हो जाता है। टी-20 में आग उगलता है, वनडे में एंकर बन जाता है, फील्डिंग में चीता है और भयंकर दबाव में भी एकदम आइसमैन रहता है। रही-सही कसर शिवम दुबे ने अपनी बाहुबली हिटिंग से पूरी कर दी। सच कहूं तो, उस सड़ी हुई पिच पर 211 रनों का वो स्कोर कागजों पर जितना दिख रहा था, असलियत में विरोधियों के लिए वो किसी माउंट एवरेस्ट से कम नहीं था।
जवाब में जब पाकिस्तानी चेज करने उतरे, तो उनकी शुरुआत इतनी रद्दी रही कि पूछिए मत। उनके कप्तान फरहान, जिन्होंने पिछली बार बुमराह पर तीन छक्के मारने के बाद पूरी डॉक्यूमेंट्री बना डाली थी, अगर आज गलती से भी जीत जाते ना बॉस, तो कसम से सीधे वेब सीरीज ही लॉन्च कर देते! लेकिन हिंदुस्तान के सामने उनके ये मुंगेरीलाल वाले ख्वाब कभी पूरे नहीं होने वाले।
हालांकि, हसन नवाज की उस 96 रनों की पारी की तारीफ करनी पड़ेगी। मुझे एक पल के लिए भी नहीं लगा कि पाकिस्तान ये मैच जीत रहा है, लेकिन इस अकेले बंदे ने मैच को एकतरफा होने से जरूर रोक लिया और आखिरी ओवरों तक खींचे रखा। खैर, इस रोमांच के पीछे रवि बिश्नोई की वो ढीली गेंदबाजी और हमारी लचर फील्डिंग का भी बड़ा हाथ था, जिसने उन्हें बेवजह की ऑक्सीजन दे दी।
इस ऐतिहासिक जीत में टीम मैनेजमेंट और वीवीएस लक्ष्मण सर के दिमाग की भी दाद देनी पड़ेगी। एक एक्स्ट्रा बल्लेबाज खिलाने का उनका दांव एकदम ब्रह्मास्त्र साबित हुआ। बाद में स्कोरकार्ड देखकर कई क्रिकेट ज्ञानी ज्ञान देंगे कि एक बॉलर कम था, लेकिन बॉस, ऐसी सड़ी हुई पिचों पर अक्सर एक बल्लेबाज की पारी ही मैच का पूरा रुख तय कर देती है। पिछले मैच में भी यही हुआ था और आज भी। लक्ष्मण सर ने पिच की जो रीडिंग की थी, वो एकदम स्पॉट-ऑन थी। उधर बुमराह शायद आज अपने चरम पर नहीं दिखे, लेकिन बुमराह का सिर्फ मैदान पर खड़ा होना ही विरोधियों की सांसें अटकाने के लिए काफी होता है। इस बंदे का वो खौफ ही है जो सामने वाले को कभी चैन से खुलकर सांस नहीं लेने देता।
सच कहूं तो इस क्रिकेट गोल्ड का सबसे बड़ा और इकलौता दावेदार सिर्फ हिंदुस्तान था। डर सिर्फ इस बात का था कि कहीं बीच में बारिश आकर सारा गुड़-गोबर ना कर दे और हमें पाकिस्तानियों के साथ अपना गोल्ड शेयर ना करना पड़ जाए। लेकिन शुक्र है ऊपर वाले का, जिसने मौसम एकदम साफ रखा और मैदान पर हिसाब-किताब बराबरी से हुआ।
अब 19 गोल्ड मेडल्स के साथ अपना डंका पदक तालिका में 5वें नंबर पर गूंज रहा है। अभी हॉकी से एक और सोने के तमगे की आस है, और कुछ और अखाड़ों में भी हमारे शेर भूखे बैठे हैं। अगर किस्मत और मेहनत ने ऐसा ही साथ दिया, तो हम चौथे नंबर तक भी छलांग लगा सकते हैं। लेकिन अंत में बस इतना ही कहूंगा बॉस गोल्ड मेडल जीतना तो हमेशा खास होता है, लेकिन पाकिस्तानियों के मुंह से वो गोल्ड मेडल छीनकर जीतने का जो गुरूर और सुकून है ना, उसकी कोई कीमत नहीं। एशियन गेम्स 2026 का ये महासंग्राम और ये जीत हर हिंदुस्तानी फैन को सदियों तक याद रहने वाली है! आज तो सच में लौंडों ने गर्दा उड़ा दिया!
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