15/02/2026
मैं दिखता हूँ सुनहरा, पर असर मेरा धुंधला कर देता है।
पहले घूंट में हिम्मत लगती है, तीसरे में होश चला जाता है।
मज़ा थोड़ी देर का, नुकसान धीरे-धीरे गहराता है।
मैं दोस्त बनकर आता हूँ, पर आदत बनकर छूटता नहीं।मैं दिखता हूँ सुनहरा, पर असर मेरा धुंधला कर देता है।
पहले घूंट में हिम्मत लगती है, तीसरे में होश चला जाता है।
मज़ा थोड़ी देर का, नुकसान धीरे-धीरे गहराता है।
मैं दोस्त बनकर आता हूँ, पर आदत बनकर छूटता नहीं।