RAMESH SINGH

RAMESH SINGH दुर्गम वन है बड़े घनेरे छाँव की यहां की छलना है
अभी पथिक विश्राम कहां बहुत दूर तक चलना है।
।।जय श्री राम।।

09/11/2025

Neha Sharma Bhagalpur Road Show

24/10/2025
यह कहानी है मीरा और राहुल की, जो कॉलेज में मिले थे। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। वे एक-दूसरे के सपने और डर, स...
20/09/2025

यह कहानी है मीरा और राहुल की, जो कॉलेज में मिले थे। उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। वे एक-दूसरे के सपने और डर, सब कुछ जानते थे।
​समय के साथ, उनकी राहें अलग हुईं। राहुल को विदेश में नौकरी मिल गई और मीरा को अपने परिवार के व्यवसाय की जिम्मेदारी संभालनी पड़ी। लंबी दूरी के रिश्ते में परेशानियाँ आईं, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। वे रोज़ फोन पर घंटों बात करते, एक-दूसरे को चिट्ठियाँ लिखते और हर मुश्किल में एक-दूसरे का साथ देते।
​एक दिन, राहुल ने अपनी अच्छी नौकरी छोड़ दी और वापस मीरा के पास आ गया। उसने कहा, "पैसे और सफलता से ज्यादा ज़रूरी तुम हो, मीरा। तुम्हारे बिना यह सब अधूरा है।"
​मीरा की आँखों में आँसू थे। उसने समझा कि सच्चा प्यार सिर्फ साथ होने में नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में एक-दूसरे के लिए मौजूद रहने में है। उनकी कहानी यह सिखाती है कि सच्चा प्यार चुनौतियों का सामना करता है और हर मुश्किल को पार कर जाता है।

एक गाँव में, एक किसान ने अपनी फसल कटने के बाद खेत में जाल बिछाया। कुछ कबूतर वहाँ दाना चुगने आए और उस जाल में फँस गए। वे ...
20/09/2025

एक गाँव में, एक किसान ने अपनी फसल कटने के बाद खेत में जाल बिछाया। कुछ कबूतर वहाँ दाना चुगने आए और उस जाल में फँस गए। वे बहुत घबराए।
उनमें से एक बुद्धिमान कबूतर ने कहा, "एक साथ मिल कर जोर लगाओ और जाल को लेकर उड़ चलो।"
सारे कबूतरों ने मिलकर ऐसा ही किया। उन्होंने एक साथ जोर लगाया और जाल को लेकर उड़ गए। वे एक चूहे के पास पहुँचे, जो उनका दोस्त था। चूहे ने अपने तेज दाँतों से जाल को काट दिया। सभी कबूतर आजाद हो गए।
इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि एकता में शक्ति है।

घने जंगल में, एक ऊँचे पेड़ पर, राजू तोता और कालू कबूतर रहते थे। राजू को अपनी सुंदर हरी पंखों पर बहुत गर्व था। वह हमेशा क...
13/09/2025

घने जंगल में, एक ऊँचे पेड़ पर, राजू तोता और कालू कबूतर रहते थे। राजू को अपनी सुंदर हरी पंखों पर बहुत गर्व था। वह हमेशा कालू का मज़ाक उड़ाता था, जिसकी पंख भूरी और साधारण थीं। एक दिन, अचानक, जंगल में आग लग गई। राजू घबराकर उड़ने लगा, लेकिन धुएँ के कारण उसे रास्ता नहीं दिख रहा था।
तभी कालू ने, जिसने आसपास सब कुछ देखा हुआ था, राजू से कहा, "मेरे पीछे आओ!"
राजू ने उसकी बात मानी। कालू ने बिना डरे, धुएँ से भरे रास्ते से उड़ान भरी और राजू को सुरक्षित बाहर निकाल लाया।
राजू को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने कालू से माफ़ी माँगी और कहा, "दोस्ती खूबसूरती से नहीं, बल्कि हिम्मत और सच्चे दिल से बनती है।"
Moral of the Story: सच्चा दोस्त वही होता है जो मुश्किल समय में साथ दे।

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वाम् अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥उपरोक्त श्लोक राखी बांधते समय सुनाया जाता...
09/08/2025

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वाम् अभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

उपरोक्त श्लोक राखी बांधते समय सुनाया जाता है इसका सरल अर्थ है ..
जिस राखी को दानवों के राजा बली को बांधा गया था, इस राखी को मैं तुम्हें बांधता हूं /बांधती हूं यह हमेशा तुम्हारी रक्षा करेगा ।

रक्षाबंधन कैसे आरंभ हुआ..?

यह पर्व लक्ष्मी जी का राजा बली को राखी बांधने से जुडा हुआ है। इसके लिए पुराणों में एक कथा है जो इस प्रकार है-- जब दानवों के राजा बलि ने अपने यज्ञ पूरे कर लिए तो उन्होंने चाहा कि उसे स्वर्ग की प्राप्ति हो, राजा बलि कि इस मनोइच्छा का भान देव इन्द्र को होने पर, देव राज इन्द्र का सिहांसन डोलने लगा।

जब देवराज इंद्र को कोई उपाय नहीं सूझा तो वो घबरा कर भगवान विष्णु की शरण में गए, और बलि की मंशा बताई तथा उन्हें इस समस्या का निदान करने को कहा।

देवराज इंद्र की बात सुनकर भगवान विष्णु वामन अवतार ले, ब्राह्मण वेश धर कर, राजा बलि के यहां भिक्षा मांगने पहुंच गए क्योंकि राजा बलि अपने दिए गए वचन को हर हाल में पूरा करते थे।

जब राजा बलि ने ब्राह्मण बने श्री विष्णु से कुछ माँगने को कहां तो उन्होंने भिक्षा में तीन पग भूमि मांग ली। राजा बलि ने उन्हें तीन पग भूमि दान में देते हुए कहा कि आप अपने तीन पग नाप लें ।

वामन रुप में भगवान ने एक पग में स्वर्ग ओर दूसरे पग में पृ्थ्वी को नाप लिया। अभी तीसरा पैर रखना शेष था। बलि के सामने संकट उत्पन्न हो गया। आखिरकार उसने अपना सिर भगवान के आगे कर दिया और कहा-- तीसरा पग आप मेरे सिर पर रख दीजिए।

वामन भगवान ने ठीक वैसा ही किया, श्री विष्णु के पैर रखते ही, राजा बलि पाताल लोक पहुंच गए। बलि के द्वारा वचन का पालन करने पर, भगवान विष्णु अत्यन्त खुश हुए, उन्होंने आग्रह किया कि राजा बलि उनसे कुछ मांग लें।

इसके बदले में बलि ने रात दिन भगवान को अपने सामने रहने का वचन मांग लिया । श्री विष्णु को अपना वचन का पालन करते हुए राजा बलि का द्वारपाल बनना पडा।

जब यह बात लक्ष्मी जी को पता चली तो उन्होंने नारद जी को बुलाया और इस समस्या का समाधान पूछा। नारद जी ने उन्हें उपाय बताया कि आप राजा बलि को रक्षासूत्र बाँध कर उन्हें अपना भाई बना लें और उपहार में अपने पति भगवान विष्णु को मांग लें ।

लक्ष्मी जी ने ऐसा ही किया । उन्होंने राजा बलि को राखी बाँध कर अपना भाई बनाया और जब राजा बलि ने उनसे उपहार मांगने को कहा तो उन्होंने अपने पति विष्णु को उपहार में मांग लिया।

जिस दिन लक्ष्मी जी ने राजा बलि को राखी बाँधी उस दिन श्रावण पूर्णिमा थी। कहते हैं की उस दिन से ही राखी का त्योहार मनाया जाने लगा।

#रक्षाबंधन 📿🪷🙏🏻

03/08/2025

तलाक़ के बाद पति कोर्ट से निकल कर ऑटो मे बैठा तो तलाक़सुदा पत्नी भी उसी ऑटो मे बैठ गई। उदास पति ने एक कातर दृष्टि से दस साल साथ रही पत्नी की तरफ देखा " वह बुझी मुस्कान के साथ बोली " बस अड्डे तक आखरी सफर आपके साथ करना चाहती हूँ।" पति बोला " एलिमनी की रकम दो महीने मे दे दूंगा। घर बेच दूंगा। तेरे लिए बनाया था। तु ही जिंदगी मे नही रही तो घर का क्या करूँगा। " वह जल्दबाजी मे बोली " घर मत बेचना। मुझे पैसे नही चाहिए। प्राइवेट जॉब करने लगी हूँ मेरा और मुन्ने का गुजारा हो जाता है। " अचानक ऑटो वाले ने ब्रेक मारे तो वह पत्नी का मुँह सामने की रेलिंग से टकराने वाला था कि पति ने झटके से उसकी बांह पकड़ कर रोक लिया। वह पति की आँखों मे देखते हुए भरी आँखों से बोली " अलग हो गए मगर परवाह करने की आदत नही गई आपकी। " वह कुछ नही बोला। मगर वह रोने लगी। रोते रोते बोली " एक बात पूछूँ? " वह नजर उठा कर बोला "क्या? " वह धीरे से बोली " दो साल हो गए अलग रहते हुए " मेरी याद आती थी क्या? " वह बोला " अब बताने से भी क्या फायदा? अब तो सब कुछ खत्म हो गया न? तलाक़ हो चुका है।" वह बोली " दो सालों मुझे वो एक बार भी वो नींद नही आई जो आपके हाथ का तकिया बना कर सोने से आती थी। कह कर वह फफक पड़ी। बस अड्डा आ गया था। दोनों ऑटो से उतरे तो पति ने उसका हाथ पकड़ लिया। काफी दिनों बाद पति का स्पर्स कलाई पर महसूस हुआ तो वह भावुक हो गई। पति बोला " चलो अपने घर चलते हैं। " इतना सुनते ही वह बोली " तलाक़ के कागजों का क्या होगा? " पति बोला " फाड़ देंगे। इतना सुनते ही वह दहाड़ मार कर पति के गले से चिपट गई। पीछे पीछे दूसरे ऑटो मे आ रहे पत्नी के रिश्तेदार उनको इस हालत मे देखकर चुपचाप बस मे बैठकर चले गए।

मात्र अपनी एक तस्वीर से पूरा इंटरनेट हिला देने वाले शख्स का नाम है MS Dhoni ❤️Forever Young   ✌️
30/07/2025

मात्र अपनी एक तस्वीर से पूरा इंटरनेट हिला देने वाले शख्स का नाम है MS Dhoni ❤️

Forever Young ✌️

मनुष्य स्वयं को स्थायी इसलिए बनाना चाहता हैक्योंकि अस्थायित्व उसे डराता है।हम रिश्तों में स्थायित्व खोजते हैं,प्रेम में ...
18/06/2025

मनुष्य स्वयं को स्थायी इसलिए बनाना चाहता है
क्योंकि अस्थायित्व उसे डराता है।
हम रिश्तों में स्थायित्व खोजते हैं,
प्रेम में विश्वास,
भविष्य में निश्चितता,
क्योंकि हमारी चेतना को
हर दिन बदलते अनुभवों की तरलता में
घबराहट होती है।

पर सच्चाई यह है-
कि मन तरल है,
प्रेम बहाव है,
और आत्मा…
वह कोई वस्तु नहीं,
वह एक यात्रा है,
जो हर क्षण पुनः बनती है।

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