15/06/2026
कुछ लोग अपनी अहमियत को पतझड़ समझ बैठते हैं,
जबकि सच ये है कि मौसम उनके इशारों से नहीं बदलते। 🍂
तुमने पेड़ को ज़ोर से हिलाया और गिरा दिए चार पत्ते,
तुम्हें लगा तुम्हारी वजह से पतझड़ हो रही है…
ज़िंदगी में हर चीज़ का श्रेय खुद को मत दो,
कई बार बदलाव पहले से तय होते हैं।