05/10/2026
*🕉️ सोमवार स्पेशल - काशी विश्वनाथ मंदिर का इतिहास 🕉️*
*मटरू की रसोई की तरफ से विशेष लेख*
*जय बाबा विश्वनाथ! हर हर महादेव!*
आज सोमवार है, भोलेनाथ का दिन। तो सुनिए काशी के राजा के मंदिर की कहानी:
*1. सबसे पुराना शहर, सबसे पुराना मंदिर:*
काशी को दुनिया का सबसे पुराना जीवित शहर माना जाता है। इसका जिक्र स्कंद पुराण के काशी खंड में मिलता है। मान्यता है कि काशी की स्थापना खुद भगवान शिव ने की थी। यहाँ विराजमान शिवलिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
*2. बार-बार टूटा, बार-बार बना - आस्था नहीं टूटी:*
- *1194 में* पहली बार मुहम्मद गौरी के सेनापति कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे तोड़ा।
- फिर गुजराती व्यापारियों ने बनवाया, फिर सिकंदर लोदी के समय टूटा।
- *1585 में* अकबर के राज में राजा टोडरमल और राजा मान सिंह ने इसे फिर से बनवाया।
- *1669 में* औरंगजेब ने इसे तोड़ कर उसी जगह ज्ञानवापी मस्जिद बनवा दी। कहते हैं पुजारी जी ने मूल शिवलिंग को ज्ञानवापी कुएं में छुपा दिया था।
*3. वर्तमान मंदिर किसने बनवाया?*
आज जो मंदिर हम देखते हैं, वो *1780 में इंदौर की मराठा रानी अहिल्याबाई होलकर ने बनवाया* था, मस्जिद के बगल में। बाद में *1835 में पंजाब के महाराजा रणजीत सिंह ने इसके गुंबदों पर सोना चढ़वाया*, तभी से इसे *गोल्डन टेम्पल* भी कहते हैं।
*4. नया रूप - विश्वनाथ कॉरिडोर:*
2021 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनवाया, जो गंगा घाट को सीधा मंदिर से जोड़ता है। अब यहाँ रोज़ *45,000 भक्त दर्शन करते हैं*। b1bd
*मान्यता:* कहते हैं काशी में मरने वाले को खुद भोलेनाथ कान में मोक्ष का मंत्र देते हैं! और यहाँ दर्शन + गंगा स्नान से मोक्ष मिलता है।
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*🔥 पोस्ट के लिए वायरल कैप्शन:*
🕉️ सोमवार स्पेशल - काशी विश्वनाथ 🕉️
हर हर महादेव!
आज सोमवार है - भोलेनाथ का दिन!
काशी विश्वनाथ मंदिर - जहाँ स्वयं महादेव विराजमान हैं!
जानते हैं इतिहास?
यह मंदिर 5 बार टूटा और बना,
पर आस्था कभी नहीं टूटी!
1780 में रानी अहिल्याबाई ने बनवाया,
और रणजीत सिंह ने सोना चढ़वाया!
कहते हैं - काशी में दर्शन मात्र से मोक्ष मिलता है!
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मटरू की रसोई की तरफ से
सभी को सावन सोमवार की शुभकामनाएं!