09/07/2026
्ति_संदेश
गरीब, बैरागर की खानिकं, जो कोई लेवै चाहि।
बिना धनी की बंदगी, नगर लगौ तिस भाहि ।।
सरलार्थ- यदि कोई (बैरागर) हीरे की खान की इच्छा रखता है। भक्ति पूर्ण परमात्मा की नहीं करता है। उस नगर को (भाहि) आग लगे।
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