15/05/2026
उत्तराखंड की बेशर्म ग्राम प्रधान..
बंधुओ ! आज एक ओर जहां हम उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली की पुण्यतिथि पर उसे नमन कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड राज्य के जिला पौड़ी गढ़वाल की एक गांव की युवा प्रधान ने एक बुजुर्ग के साथ जो व्यवहार किया, वह अत्यंत शर्मसार करने वाली बात है।
ग्राम प्रधान का मतलब केवल विकास करने वाला ही नहीं होता है, बल्कि वह गांव की संस्कृति, प्रकृति और सामाजिक मान्यताओं का भी संरक्षक भी माना जाता है। इसलिए ग्राम प्रधान के लिए केवल शिक्षित होना या नई पीढ़ी का होना ही आवश्यक नहीं है बल्कि उसके लिए गांव के परिवेश में ही पला होना के साथ ही उसका गांव का सम्मानित व्यक्ति होना भी नितांत आवश्यक है।
गांवों में अक्सर एक बात सभी बुजुर्गों में देखी जाती है कि जो बुजुर्ग होते हैं, उनके सामने चाहे वह ग्राम प्रधान हो या फिर कोई बहुत बड़ा अधिकारी! उस वह अपना पुत्रवत ही मानते हैं और उस पर अपना पूरा अधिकार जमाते हैं
हो सकता है कि इन महोदय की आदत कुछ ज्यादा खराब हो । कल जिस प्रकार से यह इस ग्राम प्रधान के साथ लड़ाई कर रहे थे, उस दृश्य को देखकर भी अच्छा नहीं लग रहा था। लेकिन यह लड़की भी उनके साथ वैसे ही बदतमीजी से बात कर रही थी, वह भी ठीक नहीं था। असली मामला क्या था ? यह तो हम नहीं कह सकते हैं , पर जो दिखाई दे रहा है, उस पर अवश्य चर्चा कर सकते हैं और मैं तो निष्कर्षत: यही कहूंगा कि इस तरह के अपमानजनक दृश्य को देखकर यही कहना चाहिए कि इस युवा ग्राम प्रधान को तुरंत ही प्रधानी से निष्कासित कर देना चाहिए ।
हां! इस पाप की भागीदार केवल यह ग्राम प्रधान लड़की ही नहीं है, बल्कि जिसने यह वीडियो बनाया और जिसके सामने वह लड़की अपने दादा नाना की उम्र के बुजुर्ग से बेशर्मी की तरह अपने पर छुआ रही है, उन सबको भी आत्मग्लानि होनी चाहिए। -