17/08/2026
वंदे मातरम् 🙏
'हल्दी' हमारे लिए सिर्फ मसाला ही नहीं, एक आस्था है, विश्वास है, जिसे हमारे पुरखों ने, शादी समारोह, भक्ति-पुजा, से जोड़ा। क्योंकि वे इसके महत्व को जानते ही नहीं , मानते भी थे, ओर आज के आधुनिक विज्ञान ने इसे सिद्ध भी किया। किंतु बाजारवाद ने इसे सिर्फ अपने फायदे के लिए, एक जहर बनाकर रख दिया, और यह बात लोगों से छुपाई भी जाती है। जो लोग स्वयं रिसर्च करते हैं या पता करते हैं कि कैसे ये जहर है पंरतु अन्य का क्या?
हल्दी में बहुत कुछ है ऐसे ही इसे आयुर्वेद में मुख्य स्थान नहीं मिला है, ऐसा ही एक हल्दी का मुख्य घटक, 'करक्यूमिन' है इसमें। वैसे तो जानकारी रखने वालों को पता है ओर जिन्हें नहीं पता उन्हें पता करना चाहिए कि ये कैंसर के लिए मुख्य दवा है, ओर इसी करक्यूमिन को हल्दी में से processing करके निकाल लिया जाता कुछ हेक्सेन जैसे खतरनाक कैमिकल का प्रयोग कर के, ओर उसके बाद हल्दी पाउडर, हल्दी गांठ कहीं जाने वाली गोल लकड़ी जैसे मिट्टी व कैमिकल से सन्ने टुकड़े बाजार में आ जाते हैं ताकि आप हल्दी को पिसवा सकें, शुद्ध समझ सकें, असली हल्दी की गांठें तो देखी होगी आपने, अदरक की तरह दिखती है, कच्ची हल्दी देख लिजिएगा सब्जी मंडी में दिख जाएगी।
हल्दी का उपयोग कीजिये, मगर शुद्ध हल्दी पाउडर का , शुद्धता के नाम पर जहर का नहीं, हल्दी के उपयोग से शरीर की रोग-प्रतिरोधक (Immunity)क्षमता बढ़ती है मतलब रोगों से लडने की शक्ति।
"मिलावट से बचिए, घातक रोगों से बचेंगे"
https://youtube.com/shorts/DVvFAa-DaAY?si=e3n7CCx3_XdZVn3z