14/05/2026
# # नंदनी गौ शक्ति पीठ का सेवा तत्पर परिवार
तपती दुपहरी, भीषण ज्वाला, पारा **44°C** पार,
गौ माता की सेवा में जुटा है, निष्ठावान परिवार।
सड़क बन रही, द्वार खड़ा था चारे का अम्बार,
थक कर पीछे हटे नहीं, स्वीकारा ये ललकार।
भूखी न रह जाए गौ माता, मन में यही विचार,
गौ, बछड़ा और बूढ़ा वंश, सबका है ये आधार।
कंधों पर उठाई गन्ने की भारी-भारी गठरी,
पसीने से तर-बतर हुए, पर थमी नहीं ये डगरी।
**1520 किलो** चारे का, संकल्प से किया संचार,
भीषण धूप में सेवा का, उमड़ा ऐसा ज्वार।
जब तृप्त हुई गौ माता, तो मिट गई सारी थकान,
'आपदा' को 'अवसर' बना दिया, बढ़ाया सबका मान।