01/07/2026
कार्बन ग्रेन्यूल्स (काला सोना)
प्राकृतिक कार्बन आधारित जैविक मृदा सुधारक
कार्बन ग्रेन्यूल्स (काला सोना) मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने, कार्बनिक पदार्थों की मात्रा सुधारने, जड़ों के विकास को प्रोत्साहित करने तथा फसल उत्पादन एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए उपयोग किया जाता है।
🌱 फसलों में उपयोग की मात्रा
1. खेत फसलें (गेहूँ, धान, मक्का, सोयाबीन, चना आदि)
250–500 किलोग्राम प्रति एकड़
अंतिम जुताई के समय खेत में समान रूप से बिखेरें।
मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें।
सिंचाई करें।
2. सब्जी फसलें
500–1000 किलोग्राम प्रति एकड़
रोपाई या बुवाई से पहले मिट्टी में मिलाएँ।
पौधों की जड़ों के आसपास प्रयोग करें।
बेहतर परिणाम हेतु जैविक खाद के साथ उपयोग करें।
3. फलदार वृक्ष
पौधे की आयु
मात्रा
1–2 वर्ष
1–2 किग्रा प्रति पौधा
3–5 वर्ष
3–5 किग्रा प्रति पौधा
5 वर्ष से अधिक
5–10 किग्रा प्रति पौधा
विधि:
पौधे की छत्र सीमा (Canopy Area) में गोलाकार नाली बनाएं।
निर्धारित मात्रा डालकर मिट्टी से ढक दें।
सिंचाई करें।
4. बागवानी एवं प्लांटेशन फसलें
500–1000 किलोग्राम प्रति एकड़
उपयुक्त:
आम
अमरूद
अनार
नींबू
केला
पपीता
नारियल
5. नर्सरी एवं पौध उत्पादन
100–250 ग्राम प्रति पौधा
या
मिट्टी मिश्रण में 10–20% मात्रा मिलाएँ।
🌾 प्रयोग का उचित समय
✅ बुवाई से पहले
✅ रोपाई के समय
✅ फसल की प्रारंभिक वृद्धि अवस्था में
✅ फल एवं फूल बनने से पहले
💧 सिंचाई संबंधी निर्देश
प्रयोग के बाद हल्की सिंचाई अवश्य करें।
ड्रिप सिंचाई वाले क्षेत्रों में पौधों के आसपास डालें।
अत्यधिक जलभराव से बचें।
⚠ सावधानियाँ
केवल कृषि उपयोग हेतु।
बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
सूखी एवं ठंडी जगह पर भंडारित करें।
नमी एवं सीधे सूर्य प्रकाश से बचाएँ।
उपयोग के बाद हाथ अच्छी तरह धोएँ।
🌿 प्रमुख लाभ
✔ मिट्टी में कार्बनिक कार्बन बढ़ाता है।
✔ जड़ों के विकास को प्रोत्साहित करता है।
✔ जल धारण क्षमता बढ़ाता है।
✔ लाभकारी सूक्ष्मजीवों की सक्रियता बढ़ाता है।
✔ पोषक तत्वों की उपलब्धता में सुधार करता है।
✔ फसल की गुणवत्ता एवं उत्पादन बढ़ाता है।
✔ मिट्टी की दीर्घकालीन उर्वरता बनाए रखता है।
स्लोगन
"काला सोना – मिट्टी को नई जान, उपज में शानदार बढ़ोतरी" 🌱🖤🌾