29/04/2026
वैदिक ज्योतिष में विंशोत्तरी दशा प्रणाली के अनुसार 9 ग्रहों की महादशाएँ मानी जाती हैं। प्रत्येक ग्रह की महादशा जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों—स्वास्थ्य, धन, विवाह, शिक्षा, करियर, मानसिक स्थिति, आध्यात्मिकता—पर गहरा प्रभाव डालती है। ग्रह शुभ स्थिति में हो तो सकारात्मक फल देता है, और अशुभ/पीड़ित हो तो चुनौतियाँ बढ़ती हैं।
9 ग्रहों की महादशाएँ, अवधि, प्रभाव और उपाय
🧿ग्रह
महादशा अवधि
सकारात्मक प्रभाव
नकारात्मक प्रभाव
उपाय
👉🏻 सूर्य
6 वर्ष
पद, प्रतिष्ठा, सरकारी लाभ, आत्मविश्वास
अहंकार, पिता से मतभेद, नेत्र रोग
सूर्य अर्घ्य, आदित्य हृदय स्तोत्र, गेहूँ दान
👉🏻 चंद्र
10 वर्ष
मानसिक शांति, माता सुख, लोकप्रियता
मानसिक तनाव, अस्थिरता, अनिद्रा
सोमवार व्रत, दूध दान, शिव पूजन
👉🏻 मंगल
7 वर्ष
साहस, भूमि लाभ, ऊर्जा, प्रशासनिक सफलता
क्रोध, दुर्घटना, रक्त रोग, विवाद
हनुमान चालीसा, मसूर दान, मंगलवार व्रत
👉🏻 राहु
18 वर्ष
विदेशी लाभ, राजनीति, अचानक उन्नति
भ्रम, व्यसन, मानसिक तनाव, धोखा
राहु मंत्र, नारियल दान, काल भैरव पूजा
👉🏻 गुरु
16 वर्ष
विवाह, संतान, शिक्षा, धन, धर्म
आलस्य, मोटापा, निर्णय भ्रम
पीली वस्तु दान, बृहस्पति मंत्र, गुरुवार व्रत
👉🏻 शनि
19 वर्ष
स्थिरता, कर्मफल, धैर्य, बड़ी उपलब्धि
विलंब, संघर्ष, रोग, न्यायिक विवाद
शनिदेव पूजा, तिल दान, श्रम सेवा
👉🏻 बुध
17 वर्ष
व्यापार, बुद्धि, लेखन, वाणी लाभ
भ्रम, त्वचा रोग, निर्णय त्रुटि
हरी मूंग दान, गणेश पूजा, बुध मंत्र
👉🏻केतु
7 वर्ष
आध्यात्मिकता, शोध, मोक्ष मार्ग
अलगाव, अवसाद, अनिश्चितता
गणेश पूजन, कुत्ते को भोजन, केतु मंत्र
👉🏻शुक्र
20 वर्ष
वैभव, विवाह, कला, वाहन, सुख
भोग-विलास, संबंध तनाव, रोग
दुर्गा पूजा, सफेद वस्तु दान, शुक्र मंत्र
उदाहरण सहित समझें