03/09/2026
कहा जाता है कि माता पार्वती का मणिकर्ण यहाँ गिरा था, इसलिए इस स्थान का नाम मणिकर्णिका पड़ा। एक अन्य मान्यता के अनुसार भगवान शिव स्वयं यहाँ आने वाले जीवों को तारक मंत्र प्रदान करते हैं।
यह घाट हमें जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई याद दिलाता है—मृत्यु निश्चित है, लेकिन अच्छे कर्म और ईश्वर का स्मरण ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी हैं।
हर हर महादेव! 🕉️🔱