Uttrakhand farming care fund

Uttrakhand farming care fund हम सब मिलकर उत्तराखंड की खेती को जंगली जानवरों से मुक्त करके खेती को लाभकारी बनाएंगे सामुदायिक सहयोग

"उत्तराखंड के वीरान गांवों की पुकार - आपके विचार ही हमें रास्ता दिखाएंगे"सम्मानित समाज के जागरूक नागरिकों,उत्तराखंड, जिस...
12/12/2024

"उत्तराखंड के वीरान गांवों की पुकार - आपके विचार ही हमें रास्ता दिखाएंगे"

सम्मानित समाज के जागरूक नागरिकों,

उत्तराखंड, जिसे हम प्यार से देवभूमि कहते हैं, आज अपनी पहचान खोने की कगार पर है। ये वही धरती है जो कभी हरियाली, शुद्ध हवा और खुशहाल गांवों से भरी थी। लेकिन आज, यहां के 3000 से अधिक गांव वीरान हो चुके हैं। पलायन ने न केवल हमारे पहाड़ों से उनके लोग छीन लिए, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपराएं और हमारी जड़ें भी कमजोर कर दीं।

जिन खेतों में कभी फसलें लहलहाती थीं, आज वो बंजर पड़ी हैं। जिन घरों में त्योहारों की रौनक होती थी, वो अब खंडहर बन गए हैं। और जिन पहाड़ों पर खुशहाली की बांसुरी बजती थी, वहां आज सन्नाटा है।

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हमारी पहल - एक नई शुरुआत की ओर

मैंने पिछले कई सालों से इस समस्या को करीब से देखा है। मेरा सपना है कि इन वीरान गांवों को फिर से आबाद किया जाए, उनकी जमीन को फिर से उपजाऊ बनाया जाए, और यहां के लोगों को अपने गांव छोड़ने पर मजबूर न होना पड़े।

यह कोई साधारण योजना नहीं, बल्कि एक संकल्प है:

1. बंजर जमीन को खेती योग्य बनाना।

2. सामुदायिक खेती और जैविक कृषि को बढ़ावा देना।

3. गांवों में रोजगार और आत्मनिर्भरता की व्यवस्था करना।

4. पर्यावरण को संरक्षित करते हुए पलायन को रोकना।

लेकिन इस सपने को सच करने के लिए सिर्फ मेरी सोच काफी नहीं है। इसके लिए आपके विचार और सुझाव चाहिए।

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आपके विचार क्यों महत्वपूर्ण हैं?

इस मिशन का उद्देश्य सिर्फ बंजर जमीन को उपजाऊ बनाना नहीं है, बल्कि इसे एक जन आंदोलन बनाना है।

आपके विचार हमारी योजना को और बेहतर बना सकते हैं।

यह मिशन केवल मेरा नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति का है, जो उत्तराखंड के गांवों को अपनी धरोहर मानता है।

आपकी राय इस परियोजना को सही दिशा दिखाएगी।

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आपसे निवेदन

हम आपसे किसी वित्तीय मदद की नहीं, बल्कि आपके बहुमूल्य सुझाव और विचारों की अपील कर रहे हैं।

क्या यह पहल आपको सही दिशा में लगती है?

इस मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए आपके पास क्या सुझाव हैं?

क्या आप हमारे इस प्रयास को समर्थन देंगे?

आपके सुझाव हमें यह समझने में मदद करेंगे कि हम इस पहल को और कैसे बेहतर बना सकते हैं।

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हम आपकी राय को कैसे महत्व देंगे?

1. आपके सुझाव फेसबुक पेज पर साझा किए जाएंगे।

आपकी राय और विचारों को हमारी टीम हर हफ्ते फेसबुक पर प्रकाशित करेगी।

उन पर चर्चा कर उन्हें कार्यान्वयन में शामिल किया जाएगा।

2. डेली अपडेट:

आपकी राय से जो भी बदलाव या निर्णय होंगे, उन्हें दैनिक अपडेट के माध्यम से साझा किया जाएगा।

3. पारदर्शिता:

इस मिशन का हर कदम पारदर्शी होगा। आपकी राय और सुझावों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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आपके साथ यह मिशन क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तराखंड के गांवों को बचाना केवल एक व्यक्ति या एक टीम का कार्य नहीं है। यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

ये गांव हमारी जड़ों का हिस्सा हैं।

ये खेत और पहाड़ हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं।

इनकी रक्षा करना हमारे भविष्य की रक्षा करना है।

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आपसे आखिरी निवेदन:

प्रिय दोस्तों, आज वक्त आ गया है कि हम अपने विचारों से इस मिशन को आगे बढ़ाएं। आपका एक विचार, एक सुझाव, इन वीरान गांवों में नई जान फूंक सकता है।

"आइए, मिलकर उत्तराखंड के गांवों को फिर से हरियाली और खुशहाली से भर दें।"
अपनी राय और सुझाव हमारे साथ साझा करें।

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आपके हर सुझाव का हमें इंतजार रहेगा। यह पहल केवल मेरी नहीं, बल्कि हमारी है। उत्तराखंड के पहाड़ों को फिर से जीवंत बनाएं, आपके विचारों के साथ।

"चलो, एक नई शुरुआत करें।"

18/05/2024

एक नेक कार्य के लिए सहयोग कीजिए एक बंजर गांव को आवाद करने के लिए गांव को गोद लीजिए ।

28/09/2023

कृषि और बागवानी को उद्योग के रूप में प्रमोट करने के लिए एक कानून का ड्राफ्ट

विशेष उद्योग क्षेत्र: कृषि और बागवानी को एक विशेष उद्योग क्षेत्र के रूप में पहचानने के लिए एक विशेष अधिनियम बनाया जा सकता है।

वित्तीय समर्थन: कृषि और बागवानी उद्योग को वित्तीय समर्थन प्रदान करने के लिए सरकारी स्कीमें की शुरुआत की जा सकती है।

तकनीकी संवर्द्धन: उद्योग में तकनीकी नवाचारों को प्रोत्साहित करने के लिए अनुसंधान और विकास को समर्थन दिया जा सकता है।

अधिकृत प्रशासन: कृषि और बागवानी उद्योग के लिए अधिकृत प्रशासन और प्रशासनिक समर्थन का प्रावधान किया जा सकता है।

बढ़ती निवेश: उद्योग को निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनाने के लिए वित्तीय उपायों का समर्थन प्रदान किया जा सकता है।

यह सिर्फ एक आरंभिक सुझाव है, और ऐसे कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए अधिक विस्तार और समझदारी अध्ययन और परामर्श की आवश्यकता होगी।

कृषि और बागवानी उद्योग समर्थन अधिनियम

पूर्वाधिकृता:

इस अधिनियम का उद्देश्य कृषि और बागवानी उद्योग को बढ़ावा देना है, ताकि उन्हें उद्योग के रूप में प्रोत्साहित किया जा सके और उनका विकास हो सके।
मुख्य प्रावधान:

कृषि और बागवानी को उद्योग के रूप में पहचानने के लिए विशेष अधिनियम के अंतर्गत, उन्हें वित्तीय समर्थन प्रदान करेंगे।
सरकार द्वारा उद्योग में तकनीकी नवाचारों की समर्थन प्रदान करने के लिए अनुसंधान और विकास को प्रोत्साहित किया जाएगा।
कृषि और बागवानी उद्योग के लिए वित्तीय उपायों का समर्थन प्रदान किया जाएगा, जैसे कि ऋण योजनाएँ और सब्सिडी की प्रस्तावना।
उद्योग को निवेश के लिए आकर्षक बनाने के लिए विशेष उपाय अपनाएंगे।
प्रशासनिक प्रावधान:

इस अधिनियम के पालन की जांच के लिए एक विशेष प्राधिकृत संगठन की स्थापना की जाएगी।
कृषि और बागवानी उद्योग के सेक्टर में नियमित अनुशासन और मॉनिटरिंग के लिए आवश्यक अधिकृत संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
यह ड्राफ्ट सिर्फ एक सुझाव है और संसद में प्रस्तुत करने से पहले विशेषज्ञ समितियों और स्थानीय उद्योगियों के साथ चर्चा करना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इसके अलावा, सरकार के कानूनी सलाहकारों की मदद से इसे संसद के पटल पर प्रस्तुत करने के लिए पूरे प्रक्रिया को पूरा किया जाना चाहिए।

06/09/2023

कृषि और बागवानी को उद्योग का दर्जा और किसानों की संरक्षा

किसानों की मेहनत, धैर्य, और ध्यान के साथ कृषि और बागवानी क्षेत्र में निवेश करने का परिणाम होता है - वो जादूगरों की तरह एक बीज से हजारों दाने पैदा करते हैं। इस जगह, धरती माता ही वो अनमोल बैंक है जो एक दाने के साथ हजार दाने देती हैं।

लेकिन खेती और बागवानी का महत्व सिर्फ इस बात से ही समाप्त नहीं होता। सरकारों की ओर से उन्हें उद्योग का दर्जा नहीं दिया जाने से किसानों को कई सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसके परिणामस्वरूप, उन्हें विभिन्न वित्तीय और प्रशासनिक मुद्दों का सामना करना पड़ता है जो उनकी साख से बाहर हैं।

कृषि और बागवानी को उद्योग का दर्जा दिलाने के दूर गामी फायदे होंगे। पहले, यह किसानों को और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देगा। उद्योग के रूप में, किसान विभिन्न योजनाओं और योजनाओं से लाभ उठा सकेंगे और उन्हें बेहतर बाजार एक्सेस भी मिलेगा।

दूसरे, यह कृषि और बागवानी को संरक्षित करेगा। यह वाणिज्यिक उद्योग के तरह सरकार की समरक्षा में होगा, जिससे किसानों को अपने उत्पादों की सुरक्षित मार्केटिंग और बेचने का मौका मिलेगा।

आखिरी शब्द में, कृषि और बागवानी को उद्योग का दर्जा मिलने से किसान समृद्धि की ओर एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाएंगे। इससे कृषि एवं बागवानी के संरक्षण के साथ-साथ हमारे किसानों की भी सुरक्षा होगी, और वे अधिक समृद्ध और संपन्न हो सकेंगे।

सेवा में,         माननीय मुख्यमंत्री जी                       उत्तराखंड  सरकार विषय : बहुउद्देशीय इन डोर फार्मिंग स्ट्रक...
26/07/2023

सेवा में,
माननीय मुख्यमंत्री जी
उत्तराखंड सरकार
विषय : बहुउद्देशीय इन डोर फार्मिंग स्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम के संबंध में ।
महोदय ,
उपरोक्त विषयक विनम्र निवेदन इस प्रकार है कि उत्तराखंड में जैविक कृषि एवम बागवानी में अनंत संभावनाएं हैं, लेकिन खेती बाड़ी में जंगली जानवरों के आतंक की वजह से तथा विपरीत परिस्थितियों की वजह से खेती बाड़ी से लोगों का मोह भंग होता जा रहा है । चकबंदी आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई । परिणाम स्वरूप पलायन निरंतर जारी है । विशेषकर पहाड़ी क्षेत्रों में लगभग 3000 गांव भूतिया हो चुके हैं तथा हजारों हेक्टेयर जमीन बंजर पड़ी है । इसके समाधान के लिए हमें बहुउद्देशीय इन डोर फार्मिंग का स्ट्रक्चर विकसित करना होगा । जिसके माध्यम से गांव की पूरी कृषि एवम बागवानी के लायक भूमि को कवर करके उसको किसानों के अनुकूल एवम भयमुक्त बनाया जा सकता है ताकि किसान फल एवम सब्जी उत्पादन से अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकें । यह स्ट्रक्चर कुछ इस प्रकार से होगा :- यह आयरन एंगल और प्लास्टिक कोटेड आयरन वायर की मदद से तैयार होगा । जिसकी ऊंचाई लगभग 8 से 10 फीट होगी । लंबाई और चौड़ाई गांव की पूरी कृषि भूमि
इसको ऊपर से भी आयरन एंगल और प्लास्टिक कोटेड वायर की मदद से कवर किया जाएगा ताकि किसानों को बेल वाली फसलों के लिए एक अनुकूल आधार मिल सके इसको आवश्यकता अनुसार ग्रीन हाउस में भी कन्वर्ट किया जा सकेगा । अधिक बारिश स्थिति में इसकी छत से बारिश के पानी को डायवर्ट किया जा सकेगा । इसमें सभी प्रकार की कृषि एवम बागवानी की जा सकेगी । इसकी खास बात यह होगी कि यह स्ट्रक्चर लगभग 100 साल तक चल सकेगा । यदि कृषि एवम बागवानी हेतु इस प्रकार का स्ट्रक्चर उत्तराखंड सरकार धीरे धीरे हर गांव में विकसित कर देती है तो जैविक कृषि एवम बागवानी के सेक्टर में रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं । तथा काफी हद तक पलायन रुक सकता है ।
अतः महोदय से विनम्र निवेदन है कि इस सुझाव को धरातल पर उतारने हेतु अपने स्तर से आवश्यक कार्यवाही करने की कृपा करेंगे ताकि उत्तराखंड में कृषि एवम बागवानी समृद्धि के मार्ग खोल सके युवा किसानों को एक नई दिशा मिल सके । 3000 भूतिया गांवों की हजारों हेक्टेयर जमीन आवाद हो सके ।
कुछ हद तक पलायन कम हो सके । हमने इस पेज के माध्यम से व्यक्तिगत स्तर पर लोगों से जुड़ने का प्रयास किया लेकिन हमें ऐसा लगता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता । इसलिए सामुदायिक सहयोग नितांत आवश्यक है ।हमें ऐसा लगता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो बिना कुर्सी और बिना पद के भी बहुत कुछ किया जा सकता है। बस विचार मानवता को समृद्ध करने का होना चाहिए। उम्मीद ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास है कि इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रार्थी
उत्तराखंड फार्मिंग केयर फंड
संपर्क सूत्र
095489 25502

इस परियोजना के लिए सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु इस लिंक पर क्लिक करके अपनी राय अवश्य रखिए जहां सारे हाथ इक्कठे है वहां पर क्लिक या फिर टच कीजिए एक नया इंटरफेस आएगा स्टार्ट बटन पर क्लिक कीजिए या फिर टच कीजिए और अपनी राय अवश्य रखिए। साथ ही इस पोस्ट को शेयर जरूर कीजिए। Learn more बटन पर क्लिक कीजिए और अपनी राय अवश्य रखिए।

हम सामुदायिक सहयोग के माध्यम से कृषि एवं बागवानी के एक इन डोर फार्मिंग का मॉडल बनाना चाहते हैं जिसको हम उदाहरण के र....

25/07/2023

नमस्कार साथियो 🙏
यदि आप वास्तव में उत्तराखंड के विकास के पक्षधर हैं तो इस लिंक पर क्लिक करके अपनी राय अवश्य रखेंगे आपकी राय और सहयोग नितांत आवश्यक एवम सर्वोपरी है
https://bit.ly/3O7zUJt
सामुदायिक सहयोग

13/07/2023

प्रस्ताव: संसाधनों कमी के बावजूद उत्तराखंड में कृषि एवं बागवानी को बढ़ावा देने के लिए हम इन डोर फार्मिंग के एक मॉडल का विकास करना चाहते हैं। यह मॉडल उत्तराखंड के कृषि एवं बागवानी को सुरक्षित बनाकर उन्नत और व्यावसायिक बनाने में मदद करेगा। हालांकि, हमारे पास इस प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं। हम एक सामुदायिक सहयोग की आवाज बनाने के लिए आपका सहयोग चाहेंगे।
हमें लगता है कि अच्छे और परोपकारी काम किसी संस्था अथवा राजनीति के मोहताज नहीं होते मानवता के लिए बिना कुर्सी और पद के भी काम किया जा सकता है। कुछ बेहतर करने के लिए सामुदायिक सहयोग नितांत आवश्यक है।

परिचय:

उत्तराखंड एक प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर राज्य है जहां कृषि एवं बागवानी अत्यंत महत्वपूर्ण और आर्थिक गतिविधियों में से एक है । और यहां जैविक कृषि एवम बागवानी में अनंत संभावनाएं हैं लेकिन जंगली जानवरों की समस्या जिसकी वजह से कृषि एवं बागवानी से धीरे धीरे लोगों का मोह भंग हो रहा है । परिणम स्वरूप गांव के गांव खाली होकर भूतिया गांवों के रूप में परिवर्तित हो रहे हैं और हजारों हेक्टेयर कृषि एवं बागवानी की भूमि बंजर होती जा रही है यह सेक्टर धीरे-धीरे प्रभावित हो रहा है । वन्य जानवरों के द्वारा उत्पादन प्रभावित हो रहा है जिस कारण, उत्तराखंड में कृषि और बागवानी संबंधित व्यक्तियों के लिए अभिशाप बन गई हैं।

इन डोर फार्मिंग का प्रस्ताव:

इस समस्या का हल खोजने के लिए हम इन डोर फार्मिंग के एक मॉडल का विकास करना चाहते हैं जो उत्तराखंड के कृषि एवं बागवानी के लिए एक आधुनिक और सुरक्षित अनुभव प्रदान करेगा। इन डोर फार्मिंग में एक विज्ञान-प्रधान तकनीक होगी जिसमें विभिन्न पादपों को नियंत्रित आवास में उगाया जाता है, जैसे कि उच्च गुणवत्ता वाली

हर प्रकार की व्यवसायिक खेती गिलोय, फलों के बगीचे , टमाटर, पत्तागोभी, और फूलों की खेती के लिए आदर्श है। हम इसको विकसित करके सरकारों के समक्ष एक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करना चाहते हैं । ताकि सरकारें इस दिशा में निर्णायक कदम उठाने एवम इस मॉडल को धरातल पर उतारने हेतु मजबूर हो जाए । पहला कदम हमें सामुदायिक सहयोग के माध्यम से उठाना होगा । क्योंकि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता ।

इसके लाभ:

सुरक्षित क्षेत्र: इन डोर फार्मिंग उत्तराखंड के कृषि और बागवानी को वन्य जानवरों के हमलों से सुरक्षित रखेगा। उच्च बाढ़, बर्फबारी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ सुरक्षा प्रदान करने के लिए यह आदर्श है।

उन्नत उत्पादकता: इन डोर फार्मिंग तकनीक से बेहतर और आशानुरूप उत्पादन लिया जा सकेगा।कृषि और बागवानी की उत्पादकता को बढ़ाएगा। नियंत्रित माध्यम में पौधों को उगाने से उन्नत फसलों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, जो उच्च गुणवत्ता और मानकों को पूरा करेगी।

3. वाणिज्यिक अवसर: इन डोर फार्मिंग के माध्यम से उत्पादित फसलें और फूल उच्च मानकों के साथ वाणिज्यिक बाजार में बेचे जा सकते हैं। इससे कृषि और बागवानी को व्यावसायिक बनाने का एक नया अवसर प्राप्त होगा।

प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा: इन डोर फार्मिंग उत्तराखंड के जल, मिट्टी और ऊर्जा संसाधनों की रखरखाव करेगा। साथ ही, जल प्रबंधन, उर्जा संग्रह और पर्यावरणीय सतत उपयोग के माध्यम से समुदाय को जागरूक करने में मदद करेगा।

रोजगार की सम्भावनाएं: इन डोर फार्मिंग के विकास से स्थानीय लोगों को नए रोजगार संबंधित अवसर मिलेंगे, जैसे कि टेक्नोलॉजी संचालन, पौधों की देखभाल, उत्पादन और विपणन। यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ और समृद्ध करने में मदद करेगा। यदि हमारे पास सुरक्षित इन डोर फार्मिंग का स्ट्रक्चर होगा तो , नए कृषि स्टार्टअप उत्तराखंड में शुरू होंगे । इसके ऊपरी हिस्से में सौर ऊर्जा जनित बिजली बनाकर खेती के लिए पर्याप्त बिजली बनाई जा सकती है । साथ ही शेष बिजली बेची जा सकती है।

सुरक्षित इन डोर फार्मिंग स्ट्रक्चर के माध्यम से हम अपनी जमीन कृषि एवम बागवानी में स्टार्टअप करने वाले लोगों को किराए के रूप में दे सकेंगे ।
सामुदायिक सहयोग की पहल / जरूरत

हमारा आपके साथ साझा करने का मकसद यह है कि हम सामुदायिक सहयोग की एक मजबूत आवाज बनाएं ताकि हम इन डोर फार्मिंग के मॉडल के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधनों को प्राप्त कर सकें। हम आपकी सहायता और समर्थन की आशा करते हैं ताकि हम एक समृद्ध और सुरक्षित कृषि एवं बागवानी के लिए उत्तराखंड में एक सामुदायिक परिवर्तन प्रारंभ कर सकें।

यदि आप वास्तव में उत्तराखंड के विकास के पक्षधर हैं तो , आप देश विदेश की धरती पर जहां भी हैं । इस सामुदायिक सहयोग को अपना समर्थन अवश्य दीजिए । अगली बार जब आप उत्तराखंड आएं तो आपको उत्तराखंड अनाजों, फलों , सब्जियों एवम फलों फूलों से लदा हुआ मिले । बंजर ना मिले यह आपकी जन्मभूमि है , आपकी मातृ भूमि है , आपकी कर्म भूमि दुनियां में जहां भी हो , अपनी जन्मभूमि और मातृभूमि की जड़ों को सींचते रहिएगा हम सभी हरे भरे रहेंगे । यहां सिर्फ पिकनिक मनाने मत आएगा इसके विकास हेतु सिर्फ बातें मत कीजिएगा । कुछ कदम भी उठा लीजिएगा । अब देखना यह होगा कि इस पोस्ट को कितने लोगों का समर्थन मिलता है ,जिससे यह पता लग सके कि वास्तव में लोग राज्य के प्रति संवेदनशील हैं या नहीं । सरकारों का क्या ? आती रहेंगी और जाती रहेंगी ।

धन्यवाद और सामुदायिक सहयोग की आशा करते हैं।

याद रखिए आपका सहयोग सर्वोपरि और ऐतिहासिक होगा ।

सहयोग करने वाले महानुभावों को पेज के माध्यम से पूर्ण सम्मान दिया जाएगा । इस परियोजना के धरातल पर उतरने पर सहयोग देने वालों का नाम प्राथमिकता के आधार पर लोकार्पण पटल पर दर्ज होगा । अधिक जानकारी हेतु आपश्री 9548925502 पर watsup कर सकते हैं वित्तीय सहयोग देने के लिए UPI ID 9548925502@axl का प्रयोग कर सकते हैं। इस विचार को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए शेयर जरूर कीजिए ताकि यह विचार धरातल पर क्रियान्वित हो सके । आपका सहयोग सर्वोपरि होगा।

पुनः धन्यवाद।
नोट :- प्राथमिक चरण में हम एक गांव को मॉडल के रूप में विकसित करना चाहते हैं यह मॉडल जनरल इंडोर फार्मिंग बहुउद्देशीय होगा चलचित्र के माध्यम से जो दिखाया गया है यह सांकेतिक है । यह संभव होगा आपश्री के सहयोग से
विनम्र निवेदन 🙏🙏🙏🙏🙏🙏

https://farmingcartobemust.blogspot.com/2023/07/blog-post.html?m=1
12/07/2023

https://farmingcartobemust.blogspot.com/2023/07/blog-post.html?m=1

उत्तराखंड में कृषि एवं बागवानी में ,अनंत संभावनाएं हैं । बस सामुदायिक सहयोग से एक शुरुआत की नितांत आवश्यकता है। तस...

26/09/2022
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25/09/2022

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