28/05/2026
आज भागदौड़ भरी जिंदगी से थोड़ा वक्त मिला, तो कुछ पल ठहरकर खुद को आईने में देखने का मौका मिला। पर सच कहूँ? आज मैंने सिर्फ अपना चेहरा नहीं देखा... आज आईने ने मुझसे बहुत कुछ कह दिया।
आईने ने मुस्कुराकर कहा—
"पहचाना मुझे? मैं वही हूँ जो तुम्हारे हर उतार-चढ़ाव, तुम्हारी हर मेहनत और तुम्हारी हर कामयाबी का गवाह रहा हूँ।"
आज उस अक्स में मुझे अपनी वो आँखें दिखीं, जिनमें कभी ढेर सारे सपने थे और आज उन सपनों को सच करने का हौसला है। चेहरे की हर एक लकीर ने याद दिलाया कि 'घर, परिवार और अपने सपनों' को एक साथ संभालते हुए यहाँ तक का सफर कितना खूबसूरत और प्रेरणादायक रहा है।
हम अक्सर दूसरों की तारीफ करने में, दूसरों का ख्याल रखने में इतने मसरूफ हो जाते हैं कि खुद को ही वक्त देना भूल जाते हैं। लेकिन आज समझ आया कि खुद से प्यार करना, खुद की सराहना करना कितना ज़रूरी है।
आज आईने के सामने खड़े होकर मैंने खुद से एक वादा किया है— चाहे जिंदगी कितनी भी व्यस्त क्यों न हो, अपनी इस मुस्कान को कभी फीका नहीं पड़ने दूँगी।
मेरी फेसबुक फैमिली, आप सब से भी यही कहूँगी—
रोज की भागदौड़ से कुछ पल चुराइए, आईने के सामने खड़े होइए, खुद को देखिए और मुस्कुराकर कहिए... "मुझे खुद पर गर्व है!" ❤️