स्वर्ण कामगार समस्या

स्वर्ण कामगार समस्या स्वर्णकार समाज राष्ट्रीय समाचार चैनल धार्मिक सामाजिक वैवाहिक व्यवसायिक युवा प्रतिभा को निखारना 🙏

अपने तो अपने होते है जरा सोच कर देखो हम किनके साथ अन्याय कर रहे हैं और किन बाहरी लोगों का साथ दे रहे है जय स्वर्णकार 🙏  ...
17/08/2026

अपने तो अपने होते है जरा सोच कर देखो हम किनके साथ अन्याय कर रहे हैं और किन बाहरी लोगों का साथ दे रहे है जय स्वर्णकार 🙏 स्वर्णकार समाज गाडरवारा (म.प.) का app आ गया है । सभी सदस्य नीचे दिए लिंक पर क्लिक करके तुरंत ही जुड़ें और अपना सदस्य Community कार्ड प्राप्त करे - Powered by Kutumb App

Brajesh soni

जागो मेरे  भाइयों,स्वर्णकार समाज को खत्म होने से बचा लो अपने पैतृक काम को बचा लो अपने नाम को बचा लो 🙏😌
03/07/2026

जागो मेरे भाइयों,स्वर्णकार समाज को खत्म होने से बचा लो अपने पैतृक काम को बचा लो अपने नाम को बचा लो 🙏😌

आज सुनार समाज की हालत मजदूर से भी बदतर है इस हालत का जिम्मेदार खुद सुनार है हमारे बाप दादा गाव गाव घूम कर फेरी करते थे ग...
21/07/2025

आज सुनार समाज की हालत मजदूर से भी बदतर है इस हालत का जिम्मेदार खुद सुनार है हमारे बाप दादा गाव गाव घूम कर फेरी करते थे ग्राहक बनाते थे उस समय कुछ ऐसे लोगों का राज था उनकी नीति थी जनता को हर समान सस्ता मिले जनता ज्यादा बचत करे उसके लिए हर प्रकार की सब्सिडी देती थी जनता अनाज कपडा सोना चादी खरीदने की क्षमता रखती थी उस समय सोना चाँदी सस्ता था इससे सुनार समाज दिन रात तरक्की कर रहा था तब हर सुनार उनके के पक्ष मे बोट करता था जब आदमी के पास धन पैसा जरुरत से ज्यादा आने लगे तो उसे घंमड आ जाता है यही हाल सुनार समाज का हुआ वह अपने आपको धनवान समझने लगा अन्य जाति के मित्रो से दोस्ती कर अपने सभी राज मित्रो को बता कर ज्वैलर्स की दुकान खुलवा कर अपने पैर मे कुल्हाड़ी मार ली आज हालत यह है कि महगांई रिकार्ड तोड़ दिया है आदमी की हालत यह कि बचत नही कर पा रहा है दुनिया भर के टैक्स की मशीन मे जनता को डाल कर खून चूसा जा रहा है सोना चाँदी शिक्षा दवाई महगी होने के कारण आदमी सोना चादी कम खरीदता है आज सुनार की हालत इधर कुआँ उधर खाई वाली कहावत है और उस पर बाहरी कारीगर और हमारे पैट्रिक व्यापार को खत्म कर रहे हैं और कुछ अपनी समाज के लोग उनका साथ दे रहे हैं उनको घरों में बिठालकर अपने बच्चों को और अपनी समाज को अपनी पहचान को मिटा रहे हैं थोड़ा सा विचार करो भाइयों ऐसा रहा तो हम अंतिम पीढ़ी के सुनार बनकर रह जाएंगे कोई नहीं आयेगा अपने को बचाने तुम सिर्फ़ उनकी पट्टी पर बैठकर भिखारियों जैसे दिखोगे अभी भी जाग जाओ भाइयों जय स्वर्णकार आपका अपना:~ब्रजेश सोनी 🙏😌

03/05/2025

"अब जागो – अपने समाज, अपनी कारीगरी और अपने स्वाभिमान के लिए"

आज फिर एक बंगाली कारीगर लाखों का सोना, चांदी और नकद लेकर फरार हो गया। ये पहली बार नहीं है — मगर हर बार हम चुप रह जाते हैं। सोचिए, गलती सिर्फ उसकी नहीं है… गलती हमारी भी है।

हम अपने लालच में, दो पैसे सस्ते मुनाफे के लिए बाहर से आए कारीगरों को तो काम दे देते हैं, लेकिन अपने ही समाज के पुराने, भरोसेमंद और स्थायी स्वर्णकार भाइयों को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।
वो भाई जो हमारे साथ पले-बढ़े हैं… जिनका अपना घर है, परिवार है… वो दो पैसे ज़्यादा मांग लें तो हमें बोझ लगते हैं। लेकिन जो अनजान है, अस्थायी है, हर बार नई जगह जाता है, कम पैसों में गुज़ारा करता है — उस पर हम आंख मूंदकर भरोसा कर लेते हैं।

हम क्यों नहीं समझते कि अस्थायीत्व, असंतोष और परायापन — ईमानदारी को ज़्यादा दिन तक ज़िंदा नहीं रख सकते।
ये बाहर से आए कारीगर जब भी मौका पाते हैं, हमारे ही खून-पसीने की कमाई लेकर निकल जाते हैं।

अब समय आ गया है कि हम जागें, सोचें और बदलें।

आइए, संकल्प लें:

अपने ही समाज के कारीगर भाइयों को प्राथमिकता देंगे।

सस्ते लालच से ऊपर उठकर सुरक्षित, स्थायी और आत्मनिर्भर व्यवस्था बनाएंगे।

अपनी कारीगरी संस्कृति को बचाएंगे, उसे मज़बूत करेंगे।

भरोसे और भाईचारे की बुनियाद पर फिर से एक स्वर्ण समाज खड़ा करेंगे।

मुनाफा भले थोड़ा कम हो,
लेकिन भरोसा – बहुत बड़ा होगा।
समाज मज़बूत होगा,
और हम – आत्मनिर्भर बनेंगे।

अब जागो – क्योंकि अगली बार, शायद नुकसान आपका हो।

31/08/2024

* शुभ प्रभात
आप सभी ने अपने विचार रखे अपनी जगह सभी सही है* पूंजी और फिनिसिंग रियल में सभी कारीगर नही दे पा रहे हैं परंतु भईया बात अपने अस्तिंव की है अपने नाम की है जब अपना काम ही छीन लिया गया है अपनी पहचान ही खत्म हो जायेंगी उनकी सोच को समझो दीमक बन गए हैं वो अपने लिए पैसा कमाई अपनी जगह है बात उसकी हो रही है मुझे भी 10 15 साल से कारीगरों की जरूरत है पर हमने लड़के सिखाए और पूरे कारीगर नही हो पाते है और लोग उनको चना के पेड़ पर चढ़ाकर बर्बाद कर देते है इसलिए वो अच्छा काम नही कर पाते पूरी जानकारी नहीं होती उनके पास इससे वो भी कमजोर रह जाते हैं और हम भी आगे नहीं बढ़ पाते यदि 1 दूसरे का साथ देते तो पूंजी भी होती और मशीनरी भी और फिनिसिंग भी और कुछ समय से दूसरो लोगो ने क्यों नहीं सिखाया काम किसी नए लडको को बहुत लड़के है समाज में जो काम सीखना चाहते है उन्हे कोई सिखाता तो बाहरी लोगो की जरूरत नही पड़ती।
इसलिए नही सिखाए की कही ऐसा ना हो उनका काम खत्म हो जाएगा सभी खुद खाना चाहते हैं सब..!
और कितनी मेहनत लगती है सिखाने में .? ये भी पता चल जाता ।।
आज वही काम बंगाली कर रहे हैं दुनिया भर से छोटे छोटे लडको को लाकर उनको कारीगर बना रहे हैं वो लंबे समय तक काम कर रहे हैं तो सीख जाते हैं अभ्यास जितना होगा काम उतना अच्छा होगा।
जिससे उनका काम चल रहा है।। उन्होंने अपनी चेन बना के रखी है 1 के बाद 1सिखा रहें हैं।
*हमारी बहुत इच्छा है बेटे को उजाल का काम सिखाने की है* कोई सोनी भाई किसी बंगाली से पूछकर बता देना इंतजार रहेगा *
*"पूरे भारत के सोनी भाईयो से इसका .......?"*
और हमने इटारसी में 1 बंगाली कारीगर का आधार कार्ड देखा था राजू ठाकुर के नाम से बना था पर वह कोन था शेख शहीम..! ऐसे फर्जी तरीके से घुसे है बहुत से है उनको अपने त्योहारों में बुलाओ जब जाने उनके त्योंहार देखो वो कब जाते हैं गांव शहर सब पता चल जाएगा कि वो कोन है.....?
रही बात काम की अपने स्वाभिमान की अपने गुरुदेव की कसम है पूरे नरसिंगपुर जिले में यदि किसी भी कारीगर को मुकाबला करना है काम में तो हम उसके लिए तैयार है सोने में शुरुआत से हॉलमार्क से, डाई काटने से फूका ,चेन बनाने से मीना से छिलाई करने तक का कोई भी काम हो 1 छोटी लौंग से लेकर बड़े से बड़ा कोई भी काम हो उजाल को छोड़कर वो कोई मुझे सिखा दे यदि हम हार गए उसी दिन काम बंद कर देगे नही तो ये मत बोलना "कोई की बंगाली ही काम कर सकते हैं .!"
लडको को तैयार तो होने नही देते लोकल में सभी को अधकुचला कारीगर ही चाहिए उनका काम चलता रहें जिससे
मटका जब पूरा पकेगा तभी तो काम आयेगा ।।
आगे आप सभी की जो मर्जी हो वो करो ,
मुझसे कुछ गलत लिख गया हो तो माफ़ करना अंतिम पीढ़ी के सुनार भाईयो 😌🙏🙏🙏

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Brajesh soni

27/08/2024

🙏 *जय अंतिम पीढी के स्वर्णकार भाईयो*
*जय स्वर्णकार*
सबसे ज्यादा प्रेम तो अपने स्वर्णकार भाई करते हैं पूरे देश में इन कुछ बाहरी लोगो पर लगभग हर जगह अपने घरों में दुकानों में बिठाकर काम करवा रहें हैं अपने जान और माल दोनो की रिस्क ले रहे हैं कही कही तो कोई वेरिफिकेशन नही और रखे हैं काम पर थोड़े से फायदा के पीछे जिस दिन जब कोई बडी घटना होगी , कोई समस्या बनेगी सबसे पहले शुरुआत उन्ही दुकानदार से होगी जिनके यहां पर
"*बाहरी लोग काम कर रहे हैं*"क्योंकि आपकी पूरी घर की माल की जानकारी उनको ही होगी !
सबसे ज्यादा भुगतना उनको ही पड़ेगा कोई नहीं आयेगा बचाने इसलिए स्वर्णकार भाईयो अभी भी अपना मोह छोड़ दो अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए अजनबी लोगो को अपने घरों से दुकानों से दूर करदो सोचो तो वो कोन है कहा के है कभी उनका गांव शहर देखा है,...? ये देखो जब आय थे तब उनके स्वभाव में और आज के स्वभाव में कितना अंतर है उनकी ताकत बड़ रही है और अपनी क्या स्थिति पैदा होगी या है अब समय ही बताएगा बाहरी लोगो का मोह छोड़ दो आने वाले समय में यही विभीषण बनेंगे आपकी सोने की लंका को खत्म करने में, इनको आपकी पूरी जानकारी होगी आज नही अभी नही लेकिन कभी ना कभी जरूर ये अपना रुप ज़रूर बतागेगे , अभी भी समय है अंतिम पीढ़ी के सुनार भाईयो *जय स्वर्णकार* ये मेरे व्यक्तिगत विचार है किसी को गलत साबित करना मेरा कोई उद्देश्य नही है ना किसी को नीचा दिखाना आपका अपना:~ब्रजेश सोनी 🙏🙏

24/08/2024

*जय स्वर्णकार*
सबसे ज्यादा प्रेम तो अपने स्वर्णकार भाई करते हैं पूरे देश में इन पर लगभग हर जगह अपने घरों में दुकानों में बिठाकर काम करवा रहें हैं अपने जान और माल दोनो की रिस्क ले रहे हैं कही कही कोई वेरिफिकेशन नही और रखे हैं काम पर थोड़े से फायदा के पीछे जिस दिन जब कोई बडी घटना होगी , कोई समस्या बनेगी सबसे पहले शुरुआत उन्ही दुकानदार से होगी जिनके यहां पर
"*बाहरी लोग काम कर रहे हैं*"क्योंकि आपकी पूरी घर की माल की जानकारी उनको ही होगी !
सबसे ज्यादा भुगतना उनको ही पड़ेगा कोई नहीं आयेगा बचाने इसलिए स्वर्णकार भाईयो अभी भी अपना मोह छोड़ दो अपनी और परिवार की सुरक्षा के लिए अजनबी लोगो को अपने घरों से दुकानों से दूर करदो सोचो तो वो कोन है कहा के है कभी उनका गांव शहर देखा है,...? उनकी ताकत बड़ रही है और अपनी क्या स्थिति पैदा होगी समय ही बताएगा बाहरी लोगो का मोह छोड़ दो अभी भी समय है अंतिम पीढ़ी के सुनार भाईयो *जय स्वर्णकार* ये मेरे व्यक्तिगत विचार है किसी को गलत साबित करना मेरा कोई उद्देश्य नही है ना किसी को नीचा दिखाना आपका अपना:~ब्रजेश सोनी 🙏🙏

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