अंकित भारद्वाज

अंकित भारद्वाज athlete

अगर आपको कहीं भी लेटते ही गहरी नींद आ जाती है और सोना आपका सबसे पसंदीदा काम है, तो जापान में आपकी यही आदत लाखों रुपये दि...
17/09/2026

अगर आपको कहीं भी लेटते ही गहरी नींद आ जाती है और सोना आपका सबसे पसंदीदा काम है, तो जापान में आपकी यही आदत लाखों रुपये दिला सकती है।

टोक्यो में मैट्रेस बनाने वाली कंपनी Koala एक अनोखी स्लीप प्रतियोगिता आयोजित करने जा रही है, जिसमें प्रतिभागियों को 90 मिनट की नींद के दौरान एक-दूसरे से मुकाबला करना होगा।

इस दौरान खास स्लीप-ट्रैकिंग उपकरणों से यह देखा जाएगा कि कौन कितनी जल्दी सोता है, उसकी नींद कितनी गहरी और गुणवत्तापूर्ण है और वह कितनी देर तक स्थिर नींद बनाए रखता है।

जो प्रतिभागी सबसे बेहतर स्लीप स्कोर हासिल करेगा, उसे करीब 13.7 लाख रुपये यानी 22.2 लाख येन का पुरस्कार मिलेगा।

अब सवाल यह है कि अगर सिर्फ अच्छी नींद लेने के बदले इतने पैसे मिलें, तो क्या आप 90 मिनट के लिए अपनी नींद को प्रतियोगिता में बदलने के लिए तैयार हैं?

सोशल मीडिया पर तिजारा वाइंस के नाम से मशहूर इस इंफ्लूएंसर के साथ एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां प्रमोशन के लिए गए...
17/09/2026

सोशल मीडिया पर तिजारा वाइंस के नाम से मशहूर इस इंफ्लूएंसर के साथ एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जहां प्रमोशन के लिए गए और विवाद लेकर लौटे।

राजस्थान के बताए जा रहे इस क्रिएटर के इंस्टाग्राम पर करीब 13 मिलियन फॉलोअर्स हैं और उन्हें हरिद्वार के एक हेयर क्लीनिक के प्रचार के लिए बुलाया गया था।

बताया जा रहा है कि शूट शुरू होने से पहले उनसे साफ कहा गया था कि उनके बालों पर कैंची नहीं चलेगी, लेकिन वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान ही वहां मौजूद एक कर्मचारी ने उनके बाल काट दिए।

अब उनकी परेशानी यह है कि आने वाले कई शूट और वीडियो उनके मौजूदा लुक के हिसाब से तय थे, जिन पर इस घटना का सीधा असर पड़ सकता है।

मामला पुलिस तक पहुंचने की बात कही जा रही है, लेकिन आरोप है कि वहां से यह कहकर बात को हल्का कर दिया गया कि “बाल ही तो हैं, फिर आ जाएंगे।”

जब मुश्किल वक्त में चारों तरफ परेशानियां खड़ी हो जाती हैं और यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि कौन अपना है और कौन पराया, ...
16/09/2026

जब मुश्किल वक्त में चारों तरफ परेशानियां खड़ी हो जाती हैं और यह तय करना मुश्किल हो जाता है कि कौन अपना है और कौन पराया, उसी समय कुछ इंसान बिना किसी रिश्ते के भी मदद का हाथ बढ़ाकर अपनेपन का एहसास करा देते हैं।

बिहार की बेटी मनीषा रानी और हुसैन मंसूरी सर ने इसी मानवीय भावना को जमीन पर उतारकर एक सराहनीय उदाहरण सामने रखा है।

बाढ़ से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर उनकी जरूरतों का ख्याल रखना और राहत सामग्री उपलब्ध कराना अपने आप में बड़ी बात है।

रात के सन्नाटे में भी नाव के सहारे पानी के बीच उतरकर लोगों तक अनाज, बर्तन और जरूरी सामान पहुंचाना केवल तस्वीरों का हिस्सा नहीं, बल्कि कठिन समय में इंसान होने की जिम्मेदारी निभाने का प्रयास है।

इस आपदा के बीच दोनों ने जिस तरह जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाकर उनके चेहरों पर थोड़ी राहत और मुस्कान लाने की कोशिश की है, वह निश्चित रूप से सराहनीय और दूसरों के लिए प्रेरणा देने वाली है।

मानवता की इस सेवा भावना और नेक पहल के लिए दोनों को दिल से सलाम।

आलोचना हमेशा नुकसान ही करे, ऐसा जरूरी नहीं है; कई बार उसका सबसे अच्छा परिणाम भी सामने आ सकता है।पिछले कुछ दिनों से हम खा...
16/09/2026

आलोचना हमेशा नुकसान ही करे, ऐसा जरूरी नहीं है; कई बार उसका सबसे अच्छा परिणाम भी सामने आ सकता है।

पिछले कुछ दिनों से हम खान सर से यह सवाल कर रहे थे कि बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए उनकी तरफ से मदद क्यों नहीं दिखाई दे रही है, जबकि कई दूसरे लोग अपने स्तर से राहत पहुंचाने में जुटे हुए हैं।

अब हमारी उस बात को खान सर ने गंभीरता से लिया है और लाखों रुपये की राशन सामग्री के साथ जरूरत में आने वाला अन्य सामान भी मंगवा लिया गया है।

बताया जा रहा है कि आज शाम या फिर कल से खान सर स्वयं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की सहायता करेंगे।

आलोचना का उद्देश्य किसी को नीचा दिखाना नहीं, बल्कि जहां जरूरत हो वहां ध्यान दिलाना भी हो सकता है। अगर किसी सवाल के बाद किसी जरूरतमंद तक मदद पहुंचती है, तो उससे बेहतर परिणाम और क्या हो सकता है।

एक साधारण इंसान दिन के 12 से 16 घंटे मेहनत में खपा देता है, तब जाकर उसके घर का चूल्हा दो वक्त जल पाता है।और लोगों को सां...
15/09/2026

एक साधारण इंसान दिन के 12 से 16 घंटे मेहनत में खपा देता है, तब जाकर उसके घर का चूल्हा दो वक्त जल पाता है।

और लोगों को सांसारिक मोह छोड़ने की सीख देने वाले कुछ चेहरे आज बड़े उद्योगपतियों के घरों में सोने की पादुकाओं के साथ अपने वैभव का प्रदर्शन करते दिखाई देते हैं।

आध्यात्मिकता और धर्म की आड़ में अपार संपत्ति जमा होती जाती है और जीवनशैली किसी राजसी ठाठ से कम नहीं रहती।

फिर कभी उसी संपन्नता में से थोड़ा-सा हिस्सा निकालकर किसी जरूरतमंद बेटी का विवाह करा दिया या लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी जाती है।

जनता उस एक नेक काम को देखकर इतनी प्रभावित हो जाती है कि सवाल पूछना छोड़कर जयकार करने लगती है और उन्हीं चेहरों को ईश्वर का रूप मान बैठती है।

ऐसी भी क्या विडंबना है कि फकीरी का नाम भी वैभव से जुड़ जाए… भगवान ऐसी ‘लक्जरी फकीरी’ सबको दे। 🙏

कल से सोशल मीडिया पर इन दोनों से जुड़ा एक वीडियो तेजी से फैल रहा है।सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि दोनों के बीच प...
15/09/2026

कल से सोशल मीडिया पर इन दोनों से जुड़ा एक वीडियो तेजी से फैल रहा है।

सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि दोनों के बीच पहले प्रेम संबंध था, लेकिन बाद में युवती का विवाह किसी और व्यक्ति से हो गया।

बताया जा रहा है कि शादी के बाद वह युवती अपने पुराने प्रेमी से मिलने होटल पहुंची थी और वायरल हो रहा वीडियो उसी मुलाकात से जुड़ा हुआ है।

दावा यह भी किया जा रहा है कि युवक ने उनके निजी क्षणों को रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया।

लेकिन एक सवाल मेरी समझ से बाहर है—आखिर युवक बार-बार अपनी कलाई पर बंधी घड़ी की तरफ समय देखने की कोशिश क्यों कर रहा था?

क्या आपको पता है कि अमेरिका में घर के पास खड़े एक बड़े पेड़ को हटाने के लिए सिर्फ मशीन और मजदूर ही नहीं, बल्कि कई जगह अन...
15/09/2026

क्या आपको पता है कि अमेरिका में घर के पास खड़े एक बड़े पेड़ को हटाने के लिए सिर्फ मशीन और मजदूर ही नहीं, बल्कि कई जगह अनुमति की जरूरत भी पड़ सकती है और इसके लिए अलग खर्च भी करना पड़ता है?

अमेरिका में पिछले करीब दो साल से नौकरी कर रही इस महिला ने बताया कि रविवार की छुट्टी के दिन उसने घर के पास लगे एक बड़े पेड़ को हटाने का फैसला किया, क्योंकि उसकी टहनियां मकान के ऊपर तक पहुंच रही थीं और लगातार पत्तियां व कचरा जमा हो रहा था।

महिला के मुताबिक वहां पेड़ हटाने के लिए पहले स्थानीय नियमों के अनुसार अनुमति ली जाती है और फिर प्रोफेशनल ट्री-रिमूवल कंपनी को बुलाया जाता है। कंपनी मशीनों की मदद से पेड़ को छोटे-छोटे हिस्सों में काटती है और निकला हुआ कचरा भी अपने साथ ले जाती है।

उसने बताया कि एक बड़े पेड़ को हटाने की पूरी प्रक्रिया में करीब 1000 डॉलर तक खर्च आ सकता है, हालांकि अमेरिका में यह रकम जगह, पेड़ के आकार और काम की कठिनाई के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है।

अब सवाल यह है कि हमारे भारत में अपने घर या जमीन पर लगे बड़े पेड़ को काटने के लिए क्या नियम हैं और अनुमति लेने में कितना खर्च आता है?

आपके शहर या गांव में पेड़ काटने की अनुमति और उसका खर्च कितना है?

सना कहती हैं—“मेरी मां मेरा मेडिकल चेकअप करवाना चाहती हैं कि मैंने S@X किया है या नहीं।”जयपुर की रहने वाली सना की यह बात...
15/09/2026

सना कहती हैं—“मेरी मां मेरा मेडिकल चेकअप करवाना चाहती हैं कि मैंने S@X किया है या नहीं।”

जयपुर की रहने वाली सना की यह बात अगर सच है, तो सवाल सिर्फ एक लड़की की जिंदगी का नहीं, बल्कि उस सोच का भी है जिसमें एक मां अपनी ही बेटी की निजी जिंदगी और शरीर को इस तरह जांचने का अधिकार समझती है।

सना का कहना है कि उनकी मां ने उन्हें घर से निकाल दिया और अब वह अकेले रहती हैं, अपनी जिंदगी और अपनी देखभाल खुद करती हैं। उनका सवाल है—जब मेरी जिंदगी और मेरा शरीर मेरा है, तो मैं किसी के कहने पर ऐसा मेडिकल चेकअप क्यों करवाऊं?

लेकिन दूसरी तरफ मन में एक सवाल यह भी आता है कि क्या यह पूरी कहानी वास्तव में वैसी ही है जैसी सोशल मीडिया पर दिखाई जा रही है? कहीं निजी पारिवारिक विवादों और रिश्तों को जानबूझकर इस तरह पेश करके सिर्फ व्यूज और वायरलिटी तो नहीं हासिल की जा रही?

आज सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो सामने आते हैं, जहां कंटेंट के नाम पर मां-बाप, भाई-बहन और परिवार के निजी रिश्तों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा बना दिया जाता है। इसलिए हर वायरल कहानी को तुरंत सच मानने के बजाय यह सवाल पूछना भी जरूरी है—हम जो देख रहे हैं, वह किसी की वास्तविक जिंदगी है या सिर्फ कैमरे के लिए तैयार की गई कहानी?

हर इंसान की जिंदगी में कुछ ऐसी घटनाएं जरूर होती हैं, जिनकी याद वक्त बीत जाने के बाद भी दिल से पूरी तरह नहीं निकलती।स्मृत...
15/09/2026

हर इंसान की जिंदगी में कुछ ऐसी घटनाएं जरूर होती हैं, जिनकी याद वक्त बीत जाने के बाद भी दिल से पूरी तरह नहीं निकलती।

स्मृति मंधाना हाल ही में राज शमानी के पॉडकास्ट में पहुंची थीं, लेकिन बातचीत के दौरान राज ने उनसे उनकी जिंदगी से जुड़ा एक ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसने स्मृति को कुछ पल के लिए बिल्कुल खामोश कर दिया।

वह भावुक नजर आईं और उनकी आंखों में आंसू भी दिखाई दिए।

Raj Shamani : आपके जीवन की सबसे कठिन रात कौन सी थी?

सवाल सुनते ही स्मृति मंधाना कुछ क्षणों के लिए चुप हो गईं, जैसे अचानक कोई पुरानी याद सामने आ गई हो, फिर उन्होंने बातचीत को वर्ल्ड कप की तरफ मोड़ दिया।

स्मृति ने साफ कहा कि,

“मैं यहां सिर्फ क्रिकेट की ही बात करना चाहूंगी।”

उनकी निजी जिंदगी को लेकर सोशल मीडिया पर पहले से कई तरह की चर्चाएं होती रही हैं, लेकिन उस पल जिस तरह उन्होंने अपनी सीमा स्पष्ट की, शायद उससे बेहतर जवाब और कुछ हो भी नहीं सकता था।

क्योंकि हर दर्द को दुनिया के सामने बताना जरूरी नहीं होता, कुछ तकलीफें इंसान अपने भीतर रखकर ही आगे बढ़ना चाहता है और शायद किसी पुराने जख्म को बार-बार कुरेदने से बेहतर है कि उसे वहीं छोड़ दिया जाए।

ये राजूदास हैं, जो अयोध्या की हनुमानगढ़ी से जुड़े संत के रूप में सार्वजनिक जीवन में काफी चर्चित रहे हैं और अपने बयानों क...
15/09/2026

ये राजूदास हैं, जो अयोध्या की हनुमानगढ़ी से जुड़े संत के रूप में सार्वजनिक जीवन में काफी चर्चित रहे हैं और अपने बयानों को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।

लेकिन मुकेश अंबानी के यहां गणेश चतुर्थी के आयोजन में जब उनकी मुलाकात सलमान खान से हुई, तो तस्वीरों में वह हाथ जोड़कर खड़े दिखाई दिए। 😀

चेहरे की खुशी देखकर तो ऐसा लग रहा था जैसे किसी बेहद खास अपने से मुलाकात हो गई हो।

कुछ समय पहले ही एक टीवी डिबेट में कांग्रेस के एक पिछड़े वर्ग के नेता के साथ उनकी तीखी बहस और कथित आपत्तिजनक भाषा को लेकर भी काफी चर्चा हुई थी।

अब सवाल बस इतना है कि सार्वजनिक मंचों पर विचारधारा और विरोध की भाषा चाहे जितनी तल्ख हो, लेकिन प्रभावशाली लोगों के सामने वही तेवर अचानक सम्मान और मुस्कान में कैसे बदल जाते हैं?

आखिर संत की पहचान उसके शब्दों से होती है या फिर यह भी तय होता है कि सामने वाला कितना बड़ा आदमी है? 😀

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