28/01/2026
कार, बीयर से लेकर प्रीमियम शराब तक...भारत-EU फ्री ट्रेड डील से क्या-क्या होगा सस्ता, आपके लिए क्यों खास है ये डील ?
भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच के 18 सालों से अटकी डील आज पूरी हो गई. भारत और यूरोपीय संघ ने फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का समझौता कर लिया है. हैदराबाद हाउस में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के राष्ट्रपति एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा के साथ भारतीय प्रतिनिधियों ने बैठक की, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी दोनों नेताओं के साथ मुलाकात की. इस मीटिंग में दोनों के बीच समझौते का आदान-प्रदान हुआ है. इसके साथ ही भारत ने यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ FTA साइन कर लिया है. इस फ्री ट्रेड डील के साथ ही भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार आसान हो जाएगा. वहीं भारत में कई चीजें सस्ती हो जाएंगी. भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर कई अहम समझौते हो गए. दोनों के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का ब्लू ट्रेड एग्रीमेंट साझा किया गया. पीएम मोदी ने इसे भारत के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा फ्री ट्रेड एग्रीमेंट बताया है. भारत और ईयू के बीच डील से यूरोपीय देशों से भारत आने वाली कई चीजें सस्ती हो जाएंगी. इस डील के बाद यूरोपीय संघ के केमिकल्स पर लगभग सभी उत्पादों के लिए टैरिफ खत्म किए जाएंगे. वहींऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल अप्लायंस के 90% उत्पादों पर टैरिफ को खत्म किया जाएगा.
भारत-EU डील से यूरोपीय देशों से आने वाले बीयर सस्ते हो जाएंगे, क्योंकि उसपर टैरिफ को 110 फीसदी से कम करके 50% किया जाएगा. इसी तरह से EU से आने वाले स्पिरिट्स पर टैरिफ घटाकर 40% हो जाएगा. यूरोपीय संघ के सदस्य देशों से आने वाले वाइन पर टैरिफ 20–30% तक कम होगा. जिससे उसकी कीमतों में कटौती हो जाएगी. किया जाएगा.यूरोपीय संघ से भारत आयात होने वाले 90 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्म हो जाएगा. यूरोपीय संघ से आने वाली गाड़ियों पर टैक्स में भारी कटौती होगी. बीएमडब्लू, वॉक्सवैगन जैसी गाड़ियों पर टैक्स पहले 40 फीसदी और फिर घटकर 10 फीसदी तक पहुंच जाएगा. मेडिकल और सर्जिकल इक्विपमेंट के 90 फीसदी प्रोडक्ट्स पर टैक्स खत्म होने से इलाज और जांच मशीनें सस्ती हो जाएगी. सिर्फ व्यापार ही नहीं भारत के डिजिटल इंडिया को बढ़ावा मिलेगा. भारत में निवेश बढ़ेगा, यूरोप का पैसा आसानी से भारत आ सकेगा. करीब 6000 यूरोपीय कंपनियां भारत में है. इस डील के बाद इसमें तेजी से इजाफा होगा. भारत में निवेश के नए रास्ते खुल जाएंगे. आईटी और सर्विसेस के सेक्टर को भी बूस्ट मिलेगा, क्योंकि उनके लिए यूरोप के बाजार आसान हो जाएंगे.