01/05/2026
मानवता शर्मसार-
सिस्टम की संवेदनहीनता की हद पार-
बैंक ने ₹19,300 के लिए 'मौत का सबूत' मांगा, तो एक मजबूर भाई को अपनी बहन का कंकाल कब्र से निकालकर बैंक ले जाना पड़ा वो भी 3 किलो मीटर नंगे पाँव नंगे बदन जबकि बार बार कहता रहा कि मेरी बहिन मर चुकी है पर कागजों की कीमत इंसानियत से बड़ी हो गई बैंक के लिए। भाई पड़ा लिखा नहीं था लेकिन बैंक ने एक बार भी कोशिश नही की उसे समझाने की, तब उस मृत बहिन का कंकाल ले जाना पड़ा कि शायद इस कंकाल को देख कर बैंक वाले मान ही जायेंगे और मुझे 19300 रुपये दे देंगे ।