23/09/2026
बजट- 5 करोड़ रुपए। नेट कमाई- 9 करोड़ रुपए। यानि बॉक्स ऑफिस पर दिलजले फ़िल्म का प्रदर्शन बढ़िया रहा था। फ़िल्म हिट घोषित की गई थी। साल 1996 में आज ही के दिन, 20 सितंबर को दिलजले फ़िल्म रिलीज़ हुई थी। आज 30 साल पूरे हो गए हैं दिलजले के। इस फ़िल्म के गाने बहुत पसंद किए गए थे। कहानी भी अच्छी है फ़िल्म की।
हैरी बवेजा इस फ़िल्म के डायरेक्टर थे। और अन्नु मलिक ने फ़िल्म में संगीत दिया था। अमरीश पुरी जी का किरदार भी बहुत पसंद किया गया था। और गुलशन ग्रोवर का डायलॉग "ज़िंदगी का मज़ा तो खट्टे में ही है" भी चर्चित रहा था।
अभिनेता परमीत सेठी ने इस फ़िल्म में जो रोल निभाया है(कैप्टन रणवीर) वो पहले मिलिंद गुनाजी को ऑफ़र हुआ था। मगर मिलिंद गुनाजी ने इस फ़िल्म में इसलिए काम करने से इन्कार कर दिया था क्योंकि हैरी बवेजा चाहते थे कि मिलिंद इस फ़िल्म के लिए क्लीन शेव्ड हो जाएं।
जबकी मिलिंद गुनाजी को अपनी दाढ़ी-मूंछ से बहुत लगाव है। इसलिए उन्होंने ये फ़िल्म ठुकरा दी। मिलिंद के बाद सुनील शेट्टी से बात की गई। मगर सुनील शेट्टी तब किसी और फ़िल्म(शायद बॉर्डर) की शूटिंग में व्यस्त थे। तो उन्होंने भी अमसर्थता जता दी। तब ये रोल परमीत सेठी को मिला।
अजय देवगन की हीरोइन थी सोनाली बेंद्रे। ये अजय और सोनाली की साथ में पहली फ़िल्म थी। इसके बाद इन दोनों ने मेजर साब, ज़ख्म व चोरी चोरी नामक फ़िल्म में भी साथ काम किया था। वैसे सोनाली बेंद्रे से पहले वो रोल जूही चावला को ऑफ़र हुआ था।
मगर जूही चावला ने इस फ़िल्म में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने मना कर दिया इसमें काम करने से। तो आखिरकार ये रोल सोनाली बेंद्रे को मिल गया। अजय देवगन की पहली हीरोइन मधू ने भी इस फ़िल्म में एक रोल निभाया है। मधू के किरदार का नाम है शबनम।
शुरुआत में दिलजले फ़िल्म के म्यूज़िक राइट्स अमिताभ बच्चन के म्यूज़िक लेबल बिग बी ने खरीदे थे। और दिलजले फ़िल्म के कुछ कैसेट्स बिग बी के लेबल से ही मार्केट में आए भी थे। मगर तभी बिग बी की कंपनी एबीसीएल का बुरा दौर शुरू हो गया। तब अमिताभ बच्चन ने दिलजले फ़िल्म के म्यूज़िक के राइट्स टी-सीरीज़ को सेल कर दिए।
आज भी कुछ लोगों पर दिलजले फ़िल्म की बिग बी वाली कैसेट्स मौजूद हैं। और टी-सीरीज़ वाली भी देखने को मिल जाती हैं। पहले रज़ा मुराद जी को भी अमरीश पुरी जी के साथ एक रोल के लिए साइन किया गया था। मगर किन्हीं वजहों से वो रोल स्क्रैप कर दिया गया। और रज़ा मुराद इस फ़िल्म का हिस्सा ना बन सके।