13/07/2024
कब अपने हाथों से काम-धन्धे निकलते चले गये? पता ही नही चला...
बेरोजगारी बढ़ती देखी तो हिसाब लगाया इस गजवाये-हिन्द से ओर मुस्लिमो के छद्दम साम्प्रदायिक सौहार्द्र से क्या खोया क्या पाया? सिवाये हिन्दुओं को बाँटने के अतिरिक्त....
जब सब्जी मंडी और फल मंडियों में देखा तो पता चला एक ही मुस्लिम समाज का यहाँ अधिपत्य हो चुका है...
तो दिमाग में आया भारतीय रोजगार का किस तरह स्थानांतरण हो चुका है...
की यदि देश इस आपदा से निजात पाए भी तो हमारे जीने के लिए कौन सा साधन शेष बचा...?
21 राज्यों में मुस्लिम जावेद हबीब के 300 शानदार एयरकंडीशन सैलून खुल गये है...
और हिंदु नाई दलित OBc बन के नौकरी खोज रहा है...
इतना ही नहीं महिलाओं के लिए शहनाज़ ब्यूटी पार्लर खुले जिनकी संख्या की गिनती ही नही है...
26 राज्यो सहित 30 देशों में चमड़े के जूते और चप्पलों का कारोबार करने वाली 600 करोड़ की कंपनी मेट्रो शुज के मालिक फराह मलिक अरबपति बन गया...
देश विदेश में चमड़ों और जूते चप्पलों का कारोबार करके मिर्जा ट्रेनर्स में मालिक मिर्जा बन्धु अरबपति हो गए....
और साजिश के तरह कभी दलितों का एकाधिकार वाले चमड़े, जूते चप्पलें बार्बर शॉप आदि वामपंथीयो मुस्लिमो और फर्जी अम्बेडकरवादियों के साजिश से कब दलितों के हाथ से निकलकर मुस्लिमो के हाथ मे चली गयी पता भी नहीं चला...
बैंकर माफिया और उसके पैसों से पैदा किए हुए नमाजवादियों व दलितवादी नेताओं ने हिन्दू नाई से कहा ब्राह्मण जनसंख्या में इतने कम हैं पर सबसे अधिक सत्ता के मजे यही ले रहे हैं...
तुमको सदियों सदियों तक नाई बनाकर रखना चाहते हैं मत करो ये काम...
बच्चों को तो पढ़ाओ लिखाओ सरकारी नौकरी दिलवाओ और सुनो जाति प्रमाण पत्र बनवा लो...
कांग्रेस तुमको OBC में जोड़ देगी आरक्षण दे देगी
मौज करो इन ब्राह्मणों पंडितों के चक्कर में मत फंसो...
हिन्दू नाई ने आरक्षण मिलेगा सरकारी नौकरी मिलेगी इसलिए दुकान बंद कर दी शहर चला गया...
अपना बड़ा सा घर छोड़ा किराए पर एक कमरे में गुजारा किया बच्चों को गली के अंग्रेजी स्कूल में डाला
जब बच्चे जॉनी जॉनी यस पापा गाते थे...
हिन्दू नाई सोचता था बच्चे कम से कम IAS तो कर ही जाएँगे...
उसने एक फैक्ट्री में 7000 में गार्ड की नौकरी कर ली...
जब जब कांग्रेसियों और नमाज़वादी नेताओं ने बुलाया धरने प्रदर्शन आंदोलन में भी गया...
सरकारी नौकरी कितने नाईयों लुहारों बढ़इयों धोबियों को मिल सकेगी...?
बेटे बेरोजगार घूमने लगे है तो घर में झगड़ा बढ़ने लगा...
जो भी हो 20 साल बीत गए बच्चे अब भी बेरोजगार है...
हिन्दू नाई से रात को सेक्यूरिटी गार्ड की नौकरी होती नहीं थी नींद लग जाती थी नौकरी छूट गयी...
हिन्दू नाई वापस गाँव लौट आया उसने फिर से अपनी बाल काटने की दुकान खोलनी चाही...
पास के कस्बे में जाकर देखा 20 साल पहले 2 सैलून थे वो भी हिन्दू नाईयों के...
अब उसी कस्बे में 50 सैलून खुल चुके थे और सारे के सारे सैलून मियों के थे...
हिन्दू नाई ने रोजगार छोड़ा, मियों ने कब्ज़ा कर लिया...
हिन्दू बढ़ई ने अपना काम छोड़ा, मिएँ ने बाजार पर कब्जा कर लिया...
हिन्दू लुहार ने अपना काम छोड़, मियों ने वेल्डिंग की दुकानें खोल कर पूरा बाजार कब्ज़ा लिया...
हिन्दू धोबी ने सरकारी नौकरी के चक्कर में कपड़े धोने छोड़े...
गाँव के घर घर से परिचय टूटा नाते टूटे...
मिएँ ड्राई क्लीन और जीन्स की रंगाई में छा गए...
हिन्दू SC ने जूते बनाने छोड़ दिए...
आज अरबों रुपए का चमड़े मांस चर्बी हड्डी और सारा का सारा जूता बाजार मियों के कब्जे में है...
मिएँ OBC और SC/ST के पेट पर लात मार रहे हैं...
पंडितों का काम पूजा पाठ है पुरोहिताई है
ये काम मिएँ कभी नहीं करेंगे लिख लो...
आरक्षण और सरकारी नौकरी के लालच में कितने लोगों को रोजगार मिला...?
करोड़ों युवा भाई मैकाले सिस्टम में फंसकर एक डिग्री लेकर सड़क पर घूम रहे हैं धक्के खा रहे है की सरकारी नौकरी मिल जाये...
हम हिन्दुओं के पारंपरिक रोजगार इतने बुरे थे क्यो...?
पूरी प्लानिंग से दलित - Obc - सवर्ण में फूट डलवाकर उनको बेरोज़गार बना दिया...
फिर उन गरीबों का धर्म परिवर्तन कर दिया और हिंदुओं को हिन्दुओं से लड़वाया...
आपको कुछ समझ आया पिछले70 सालों में कांग्रेसी नेताओं ओर वामपंथी नेताओं का कमाल...
जरा सोचिये...
ये सब हिंदुओं तुम्हारी मूर्खता के कारण ही हुआ है...
अपनी इस मूर्खता को छोड़िये और सरकारी नौकरी का पीछा छोड़िये...
कारोबार करो अपना हर क्षेत्र मे हर तरह का कारोबार करिये छोटे से ही शुरुवात करो...
हो सकता शुरुवात मे थोड़ी कठनाइयों का भी सामना करना पर डटे रहना है मेहनत करोगे तो आगे जाकर वही छोटी शुरुवात एक बड़ी सफलता तक आपको लेकर जाएगी...
सभी हिन्दुओं से निवेदन है अपने आसपास नौकरी के चक्कर मे बेरोजगार घूम रहे भाइयों को समझाइये और उन्हें खुद का कोई कारोबार शुरू करने के सलाह दीजिये सपोर्ट कीजिए...