30/08/2025
लघु उद्योग दिवस की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामनाएं!!!
मित्रों मोती फार्मिंग ऑल वेदर फॉर ऑल ओवर इंडिया बहुत अच्छा लघु उद्योग है जिससे आप अपना वर्तमान काम करते हुए भी कर सकते हैं और अच्छा खासा लाभ कमा सकते हैं। आज हम इसके बारे में थोड़ा सा डिटेल में जानते हैं-
मोती की खेती, क्या और कैसे?
-----------------------------------------
मोती की खेती क्या और कैसे ( FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न व उसके उत्तर)
प्रश्न– क्या मोती की खेती घर पर भी की जा सकती है या उसके लिए किसी बड़े तालाब या जगह की जरुरत होती है?
उत्तर – जब तक आप बड़े पैमाने पर खेती नहीं करना चाहते, आपको बड़े तालाब की जरुरत नहीं है, 5000 सीप तक की खेती घर पर प्लास्टिक या सीमेंट के टैंक में कर सकते हैं. आप 200 से 300 लीटर के सीमेंट या प्लास्टिक के टैंक्स को अपने घर के आंगन या छत पर छाँव में रख कर मोती फार्मिंग कर सकते हैं।
प्रश्न– मोती की खेती में कितना व किस प्रकार का इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा?
उत्तर – मोती की खेती के लिए आवश्यक उपकरण (टूल्स), सीप, प्लास्टिक के टैंक, दवाइयां, जाल, न्यूक्लिस इन सब में इन्वेस्टमेंट करना पड़ेगा.
इन्वेस्टमेंट कितना करना पड़ेगा ये कुछ चीजों को छोड़ कर (जैसे टूल्स, दवाइयां) सीप की संख्या पर निर्भर करेगा, हम छोटा सा आईडिया लेकर चलते हैं की अगर 500 सीप से काम शुरू करना है तो कितना इन्वेस्टमेंट होगा, जायदा के लिए संख्या के हिसाब से अमाउंट बढ़ जायेगा
प्रश्न– एक मोती कितने का बिक सकता है?
उत्तर –
(1) डिज़ाइनर मोती 7 से 8 माह में तैयार होता व गुणवत्ता के हिसाब से एक मोती क़रीब 100 – 400 रूपये में बिक सकता है.
(2) गोल मोती या राउंड पर्ल 12 से 14 महीने में तैयार होता है व् गुणवत्ता के हिसाब से ये एक मोती करीब 250 से 700 रूपये में बिक सकता है.
प्रश्न – मोती की खेती के लिए किस तरह की दवाइयां / केमिकल काम में ली जाती हैं?
उत्तर -1: सीप में न्यूक्लिस डालने के बाद उसको Chloramphenicol नामक एंटीबायोटिक के घोल में डाल कर 5-6 दिनों के लिए रखा जाता है, ये 1 पीपीएम (1 mg per liter ) के हिसाब से पानी में मिलाया जाता है. इसका मतलब 250 लीटर पानी में आधा कैप्सुल डालना है.
उत्तर -2: एक अन्य केमिकल Eosin भी काम में लिया जाता है जो टूल्स एंड ग्राफ्टिंग को जीवाणु रहित करने के काम में लिया जाता है
प्रश्न– मोती की खेती के लिए किस तरह के न्यूक्लिस काम आते हैं?
उत्तर –
(1) डिज़ाइनर मोती न्यूक्लिस
(2) गोल या राउंड न्यूक्लिस
(3) आधा गोल या हाफ राउंड न्यूक्लिस
प्रश्न – सीप क्या खाती है व उसका खाना कैसे तैयार किया जाता है?
उत्तर -सीप का मुख्य भोजन काई है जिसे 1 लीटर पानी में 50 ग्राम चूना, 50 ग्राम युरिया, 50 ग्राम गाय का गोबर घोल कर बनाया जाता है, इस घोल को चौड़े मुंह वाले टब या बर्तन में 15 -20 दिनों तक धूप में रखा जाता है, 15-20 दिनों के बाद जब इसका रंग हरा हो जाये तो ये सीप को देने के लिए तैयार हो जाता है.
इस घोल को सीधा ही इस्तमाल नहीं करना है, इस घोल को सूती कपड़े से छान कर पानी को अलग कर लेना है क्यों की तैयार घोल में अमोनिया की मात्रा अधिक होगी इसलिए आपको थोड़ा – थोड़ा घोल सीप वाले टब या टैंक में डालना है व साथ ही अमोनिया चेक करते जाना है अगर अमोनिया का स्तर 0.5 से अधिक हुआ तो सीपों के मरने का खतरा होगा.
प्रश्न – पानी में अमोनिया कब बढ़ जाता है, अमोनिया बढ़ने की अवस्था में क्या करें
उत्तर -पानी में अमोनिया 2 कारणो से बढ़ जाता है (1) जब सीप को कहीं और से ले कर अनुकूलन के लिए रखा जाता है, सीप स्थान परिवर्तन के कारण अनुकूलन के लिए या असहज होने के कारण अमोनिया छोड़ सकती है या फिर (2) किसी सीप के मर जाने के कारण अमोनिया का स्तर बढ़ जाता है. अमोनिया बढ़ने की अवस्था में आपको तुरंत 25% पुराना पानी निकालना पड़ेगा व् नया (ताजा या पुराना किया) पानी मिलाना पड़ेगा.
प्रश्न – मोती की खेती का प्रशिक्षण कहां से लें ? खेती कैसे करें व उसके बाद इस व्यवसाय को कैसे स्थापित करे ?
उत्तर -अगर आप मोती की खेती का प्रशिक्षण लेना चाहते हैं तो इस तरह की सभी जानकारी के लिए हमसे संपर्क करें … और
“कम लागत व अधिक मुनाफे” वाले व्यापार में प्रवेश करें
हम आपको मोती की खेती की ट्रेनिंग, व इसके बाद व्यवसाय कैसे स्थापित करें व आगे आने वाली समस्याओं से कैसे निपटे इन सबके बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे.
मोबाइल
9540883888