13/10/2026
🌺 माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप — माँ चंद्रघंटा 🌺
🙏 माँ चंद्रघंटा के बारे में 🙏
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसलिए इन्हें माँ चंद्रघंटा कहा जाता है।
🌺 माँ का स्वरूप: माँ दस भुजाओं वाली हैं और सिंह या बाघ पर सवार दिखाई देती हैं। इनके हाथों में विभिन्न अस्त्र-शस्त्र और कमल सुशोभित होते हैं।
🙏 पूजा का महत्व: मान्यता है कि माँ चंद्रघंटा की पूजा करने से साहस, शक्ति और निर्भयता प्राप्त होती है। माँ अपने भक्तों को नकारात्मक शक्तियों से बचाती हैं।
🌼 माँ का प्रिय रंग: सुनहरा और पीला रंग शुभ माना जाता है।
🌷 माँ चंद्रघंटा की प्रार्थना 🌷
हे माँ चंद्रघंटा, हमारे जीवन से दुख और संकट दूर करना। हमारे परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखना और सभी के जीवन में सुख, शांति और खुशियाँ भर देना। 🙏❤️
जय माँ चंद्रघंटा! जय माता दी! 🚩🌺
नवरात्रि के तीसरे दिन माँ चंद्रघंटा के चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम। 🙏🌺
माँ सबके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखें। ❤️
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