Dil ke jazbaat

Dil ke jazbaat एंटरटेनमेंट

15/08/2026
15/08/2026

Please 🥺

13/08/2026

इनके साथ Shweeta Rajput – मुझे अभी-अभी इनके उभरते हुए फ़ैन्स में शामिल किया गया है! 🎉
कोई दिल ऐसे तोड़ेगा मैने सोचा ना था
कोई मुंह हमसे मोड़ेगा मैने सोचा ना था
जिसे चाहा था अपने जन से बढ़कर
वही हमको छोड़ेगा मैने सोचा ना था
तकलीफ बहुत हुई फ़रियाद किया खुदा से
वो भी दिल न जोड़ेगा मैने सोचा ना था
दिल तो पत्थर था आंखे सूखी थी
पर आँखों में भी समंदर आएगा मैंने सोचा ना था
दिल का पत्थर भी कोई फोड़ेगा मैने सोचा ना था
कोई दिल ऐसे तोड़ेगा मैने सोचा ना था

13/08/2026
पार्ट ---4 कहानी कुमारआखिर मैनेज करके जिंदगी कितने दिन चल सकती है क्योंकि जिंदगी तो बहुत लंबी होती है कुमार अपनी पत्नी क...
13/08/2026

पार्ट ---4 कहानी कुमार
आखिर मैनेज करके जिंदगी कितने दिन चल सकती है क्योंकि जिंदगी तो बहुत लंबी होती है कुमार अपनी पत्नी को मैनेज करते-करते करते करते एक दिन वह झल्ला कर उसे बोल ही दिया कि तुम मुझे क्या समझती हो मेरे प्यार को इतना हकीर मत देखो मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं मैं नहीं चाहता हूं कि हमसे आपस में झगड़ा हो तब उसे दिन कुमार की वाइफ कहती है कि मुझे तुम्हारी यह मुफलिसी और गरीबी भरी जिंदगी नहीं चाहिए एक बच्ची थी तो प्राइवेट स्कूल अच्छे स्कूल में पढ़ते थे यार दो बच्चे हो गए हैं तो सरकारी स्कूल में पढ़ा रहे हैं कुमार बोलता है आज सरकारी स्कूल प्राइवेट स्कूल से भी अच्छे हैं तुम बात को समझो और अगर हमारे पैसे बच जाते हैं सरकार कुछ हमें मदद कर देती है तो इसमें हर्ज ही क्या है बड़ा आदमी दिखाने का मतलब क्या है कि अपने पसीने की कमाई ले जाकर कहीं कूड़ेदान में डाल दो इस पर बीवी और चिल्लाती है और झगड़ा करना शुरू कर देती है और कहती है अगर तुमने अपनी कमाई नहीं बढ़ाई मेरे बच्चों का एडमिशन फिर से कहीं महंगे स्कूल में नहीं किया हमारे लिए बड़ा घर नहीं लिया तो मैं नहीं रहूंगी देखो यह सब मुझे नहीं हो पाएगा कुमार ने बोला अगर तुम्हें रहना है तो रहो अगर नहीं रहना चाहती तो मैं तुम्हें रोकूंगा नहीं इतना ही सुनते बीवी चल जाती है और अपने कपड़े पैक करती है और दोनों बच्चों को लेकर वहां से निकल जाती है वह राेकता रह जाता है गिर गिराता रह जाता है लेकिन वह रुकती नहीं है क्योंकि उसके सपने तो बहुत बड़े होते हैं और वह अपने बच्चों को मुफलिसी में नहीं जीना देना चाहती थी प्यार तो परवान चढ़ चुका था अब कुमार करता भी तो क्या करता कुमार के पास रोने की सिवा कोई रास्ता नहीं कुमार अकेले में खूब रोया करता था रोते रोते एक दिन उसने अपना आपा खो दिया और वह शराब पीने लगा शराब की लत इतनी गहरी होती चली गई कि वह बीमार पड़ने लगा डॉक्टर ए उन्होंने कहा कि तुम शराब पीना बंद कर दो फिर भी कुमार नहीं माना और शराब पीकर जीत रहा और अपने बच्चों को तस्वीर को उनके खिलौने को देखकर रोता रहा तड़पता रहा लेकिन पलट कर उसके ना घर वाले उसके पास आए और ना ही उसकी बीवी बच्चे और एक दिन तड़प तड़प के उसने अपना दम तोड़ दिया अर्थी सजती है तमाशा देखने वाले रोते हैं बिलखते हैं लेकिन कुदरत का करिश्मा देखो की जिसका पूरा भरा परिवार बीवी बच्चे आज उसका कोई अपना नहीं उसके मैयत में आंसू बहाना उसका दाह संस्कार किसी गैर के हाथों से होता है कितना बढ़िया कुमार सबको हंसने हंसाने वाला अपनी एक अलग पहचान छोड़ जाने वाला आज इस दुनिया को अलविदा बोल जाता है अब इस कहानी में यहीं पूछना चाहता हूं गलती किसकी है क्या कुमार अपनी बीवी बच्चों की शौक नहीं पूरे करने के काबिल था गलती उसकी थी या फिर उसकी बीवी अपने बच्चों को गरीबों की जिंदगी नहीं देना चाहती थी गलती उसकी थी या वह मासूम बच्चे जो अनजान अपनी मां के उंगली को पकड़ कर चले गए गलती उनकी थी या उनके मां-बाप जिन्होंने कुमार को पाल पोस कितना बड़ा किया उसकी शादी की और वह अपनी बीवी को चढ़ाने पर अपने मां-बाप को ठोकर मार के अपनी बीवी के साथ चला जाता है और पलट कर वह कभी उन्हें देखता तक नहीं और आज वह उसे नहीं देखना क्या गलती उनकी थी या गलती समाज की जो हाई प्रोफाइल और लग्जरी जिंदगी को एक नए नजरिए से देखते हैं और गरीबी की जिंदगी को एक नए नजरिया से देखती है क्या दिखावा इस दुनिया में जरूरी है क्या गरीब के बच्चे या गरीब का परिवार उसे दिखावा को देखकर भी लगता नहीं है क्या हिंदुस्तान के अंदर प्राइवेट स्कूलों का होना जरूरी है सरकार सबसे ज्यादा खर्च सरकारी स्कूलों और सरकारी अस्पतालों पर खर्च करती है क्या उसके बावजूद इन प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों को सरकार की स्वीकृति मिलना जरूरी है यहीं से कितनी जिंदगियां बर्बाद और तबाह हो जाती ज्यादातर झगड़ा यही से शुरू होते हैं ज्यादातर ससुराल वाले अपनी बेटी को सरकारी अस्पताल में देखकर ही मन में मोटापन ले आते हैं ज्यादातर परिवार का बिखरने का कारण भी यही है अगर आप लोगों को मेरी बातों को समझ में आए तो समर्थन करेगा और मेरी कहानी को शेयर करेगा कि यह कुमार जो हंसता खेलता है और इस दुनिया को हंसाता खिलात है आज इस दुनिया से चला गया उसके मौत का जिम्मेदार आखिर है कौन
लेखक---
दिल के जज़्बात

पार्ट -----3----कहनी कुमाररहते रहते कहानी इस मोड़ पर आती है की कुमार की पत्नी अब झगड़ा की इंतहा कर देती है वह अपने सास स...
13/08/2026

पार्ट -----3----कहनी कुमार
रहते रहते कहानी इस मोड़ पर आती है की कुमार की पत्नी अब झगड़ा की इंतहा कर देती है वह अपने सास ससुर से इस तरह लड़ती है जैसे घर पर उसने संस्कार सीखे ही ना हो फिर भी कुमार की आंख नहीं खुली क्योंकि वह तो उसके प्यार में दीवाना था और अपनी जान से बढ़ाकर उसे प्यार करता था वह हर बात में मां-बाप को ही दोस देता था और एक दिन अपनी पत्नी के चढ़ने पर उसने अपने मां-बाप को त्याग दिया और सारे रिश्ते नाते खत्म कर घर छोड़कर चला गया और यहीं से कुमार की पत्नी का मन बढ़ता हुआ चला गया उसका काम था थोड़ी-थोड़ी बातों पर चिल्लाना झगड़ा करना तेज आवाज में बातें करना मानो जैसे अब वह इस जिंदगी से उब चुकी थी बस वह अपनी पत्नी को खोना नहीं चाहता था इसलिए उसने अपने मां-बाप का दोस देकर उनसे सारे रिश्ते खत्म करके घर छोड़कर चला गया घर छोड़कर जाने के बाद कुछ दिन बाद उसके घर एक बेटी पैदा हुई जिसे वह बहुत प्यार करता था और उसका जन्मदिन बहुत ही जोर-शोर से मनाया करता था वह अपने पापा के लिए जान थी कुछ दिन बिता उसके बाद उसने एक अच्छे स्कूल में अपनी बेटी का एडमिशन करा दिया थोड़ा और समय बिता उसके घर एक बेटा भी पैदा हुआ वह अपनी पत्नी की बातों को कभी मना नहीं करता था और अगर वह कुछ कहती थी उसका झुककर उसे मान लिया करता था क्योंकि वह उसे बहुत प्यार करता था और अपनी जान से बढ़कर प्यार करता था यही कहते हैं कभी-कभी ज्यादा प्यार भी इंसान की जिंदगी में जहर घोल देता है कोई भी रिश्ता एक हद तक रखना चाहिए ताकि हद कभी बेहद ना हो
बाकी कहानी अगले पार्ट में

पार्ट ----2 कहानी कुमारकुमार जब पढ़ाई लिखाई कर लेता है खेलकूद से दिल भर आता है दोस्तों यारों से फुर्सत मिल जाती है तभी व...
13/08/2026

पार्ट ----2 कहानी कुमार
कुमार जब पढ़ाई लिखाई कर लेता है खेलकूद से दिल भर आता है दोस्तों यारों से फुर्सत मिल जाती है तभी वह एक जॉब करने की ठान लेता है और उसे एक कार कंपनी में सेल्समैन की नौकरी मिल जाती है अब वह दिन भर नौकरी करता और शाम को अपने परिवार के साथ खुशियां मनाता था आगे लगता और प्यारी प्यारी बातें करता एक दिन उसके माता-पिता बोलते हैं बेटा एक रिश्ता आया है कहो तो लड़की को देखते हैं तुम भी चल चलो वह अपने परिवार के साथ उसी के एक दिन बाद लड़की देखने जाता है लड़कि उसे पसंद आ जाती है उसके दिल में उतर जाती है फिर यह दोनों चुपके-चुपके एक दूसरे से मिलने लगते हैं प्यार बहुत हद तक आगे बढ़ जाता है शादी के लिए दिन तारीख तय होती है थोड़ा समय लगता है और कुछ दिन बितने के बाद इनकी शादी तय हो जाती है शादी के लिए लड़का बारात लेकर निकलता है बारात लड़की के घर तक पहुंचती है दोनों की शादी होती है फिर विदाई होती है फिर अपने घर चले जाते हैं और पूरा परिवार हंसी खुशी कुछ दिन तक रहने लगता है फिर जैसे कि हर घर में होता है बर्तनों से आवाज आना घर की दीवारों से आवाज आए हल्की-हल्की आवाज में बाहर सुनाई देना शुरू हो जाते हैं

हेलो दोस्तों आप सबको मेरा नमस्कार कहानी पार्ट 1 --आज मैं आपको ऐसे लड़के की कहानी सुनाने जा रहा है जो लड़का अपने आप में ए...
13/08/2026

हेलो दोस्तों आप सबको मेरा नमस्कार
कहानी पार्ट 1 --
आज मैं आपको ऐसे लड़के की कहानी सुनाने जा रहा है जो लड़का अपने आप में एक ब्रांड था अपने जिले में एक ब्रांड था क्रिकेट खेलता था दोस्तों के साथ मस्तियां करता था अपने मां बाप का दुलारा मुझे चाहता था सभी उसको प्यार करते थे लोगों से प्यार करना और लोगों के दिल में उतरना भी उसे बखूबी आता था वो किसी से भी अपनी बात को मंनवा लिया करता था जहां से निकलता था कोई उसको बुरा नहीं कहता था उसके पिता को कोई उसके पिता के नाम से नहीं बल्कि इसके नाम से जानता था वह देखो कुमार के पिता जा रहा है जैसे नाम था वैसे ही पहचान थी उसकी जिंदगी में इतनी खुशियां थी मानो खुदा ने खुशियां उसी के लिए ही बनाई थी एकदम बिंदास बेपरवाह लेकिन इसे भी नजर लगती है और भाइयों ऐसी नजर की यह मौत की आगोश में चला जाता है और जब यह मरता है ना तो इसके आसपास कोई हमदर्दी से इसके सर पर हाथ रखने वाला भी नहीं मिलता है यह कहानी एक छोटी सी शहर की छोटे से कस्बे का है जहां यह रहा करता था इसकी कहानी तो मैंने आपको इशारे इशारे में समझा दिया लेकिन दूसरे पार्ट में आपको इसके आगे की कहानी को शेयर करने वाला हूं इसको पढ़िएगा जरूर एक सीख मिलेगी जिंदगी जीने का तरीका समझ में आएगा थोड़ी सी चूक और जिंदगी कब मौत के आगोश में चली जाती है इसका फल सफा समझने में आएगा दूसरे पार्ट को देखिए मैं सारे पार्ट अपने प्रोफाइल में डालता रहूंगा कहानी ज्यादा लंबी तो नहीं है लेकिन यह है कि कहानी में कुछ सीखने को मिलेगा

12/08/2026

इनके साथ Facebook for Creators – मुझे अभी-अभी इनका एक टॉप फ़ैन होने का दर्जा मिला है! 🎉

12/08/2026

छोड़ो भी जाने दो रहने दो यार

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