31/08/2026
मरीज जाए तो जाए कहाँ, करे तो करे क्या? ❓
एक किडनी रोग विशेषज्ञ कहते हैं—पर्याप्त पानी पीने से यूरिया, यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन जैसे अपशिष्ट पदार्थ पेशाब के माध्यम से बाहर निकलने में मदद मिलती है।
वहीं दूसरी ओर, कुछ स्थितियों में अत्यधिक पानी पीना शरीर के सोडियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स को असंतुलित कर सकता है।
एक मधुमेह विशेषज्ञ इंसुलिन की कमी को डायबिटीज का प्रमुख कारण बताते हैं, तो दूसरी चर्चा में इंसुलिन प्रतिरोध और शरीर में इंसुलिन की अधिकता की भूमिका सामने आती है।
कहीं लीवर की समस्या में गन्ने के रस की सलाह मिलती है, तो वहीं लीवर विशेषज्ञ अत्यधिक सरल शर्करा के सेवन से सावधान करते हैं।
जब विशेषज्ञों की सलाह परिस्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है, तब मरीज के सामने दुविधा खड़ी होना स्वाभाविक है।
लेकिन ऋषि आरोग्यम का संदेश है—
“उचित एवं संतुलित, फाइबर युक्त आहार स्वस्थ जीवन की मजबूत नींव है।”
आहार व्यक्ति की बीमारी, दवाओं और चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार होना चाहिए।
गंभीर रोगों में चिकित्सकीय उपचार का विकल्प नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का सहयोगी।
ऋषि आरोग्यम (आहार से उपचार)
📞 संपर्क करें: 9555660367
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