30/08/2026
ओडिशा के पूरी जिले में स्थित ८०० साल पुराना 'कोणार्क सूर्य मंदिर' (Konark Sun Temple) प्राचीन भारत की स्थापत्य कला और खगोल विज्ञान (Astronomy) का सबसे बेजोड़ उदाहरण है! १३वीं शताब्दी में सम्राट लांगुला नरसिंह देव द्वारा बनवाया गया यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि समय और गणित की गणना करने वाली पत्थरों से बनी एक विशालकाय '3D धूप-घड़ी' (Sundial) है! ☀️🛕🇮🇳
क्या आप जानते हैं कि इसके २४ पहियों की तीलियों (Spokes) पर पड़ने वाली सूर्य की किरणों की छाया से आज भी मिनटों की सटीक समय गणना कैसे की जाती है? आखिर इसके शिखर पर लगे ५२ टन के विशाल चुंबक (52-ton Magnet) और हवा में तैरने वाली भगवान सूर्य की मुख्य मूर्ति के पीछे क्या वैज्ञानिक रहस्य था?
इस वीडियो में जानिए कोणार्क सूर्य मंदिर के निर्माण के पीछे छिपे हैरान कर देने वाले वैज्ञानिक रहस्य और प्राचीन भारतीय इंजीनियरिंग की पूरी कहानी!
वीडियो को पूरा देखें, हमारे प्राचीन भारत की इस अकल्पनीय टेक्नोलॉजी पर गर्व महसूस हो तो लाइक और शेयर करें, और कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें! 🚩👇
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