03/06/2026
शीर्षक: सफलता की तीव्र इच्छा
एक बार की बात है, सुकरात (महान फिलॉस्फर ) किसी काम से अपने शहर से दूसरे शहर की तरफ जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक व्यक्ति मिला। दिखने में गरीब सा था और हालत भी बहुत खराब थी।
सुकरात को देखकर वो सीधा उनके पास गया और बोला, ”सुकरात, आप तो बहुत बड़े फिलॉस्फर हैं। ज्ञान का भंडार आपके पास है लोगों को हर तरह का ज्ञान देते हैं आप आज मुझे भी ज्ञान दीजिए और बताइए की मुझे सफलता कब मिलेगी।”
उसकी बातें सुनकर सुकरात को लगा की ये कोई पागल है और उनके साथ मजाक कर रहा है। वो उसकी बात का जवाब दिए बिना वहां से निकलने गए। लेकिन उस व्यक्ति ने उन्हें जाने नही दिया और अपने सवाल पर अड़ा रहा।
उससे तंग आकर सुकरात ने उसे बोला। पास में एक नदी है कल सुबह तुम वहां पर आ जाना। मैं अपने साथ एक दो और ज्ञानी लोगों को लेकर आऊंगा और तुम्हें तुम्हारे सवाल का जवाब दे दूंगा।”
अगले दिन वह व्यक्ति नदी के पास पहुंच गया और सुकरात भी दो लोगों के साथ वहां आ गए।
सुकरात ने उस व्यक्ति से कहा, “चलो नदी में उतरकर इसकी गहराई नापते हैं और वहीं मैं तुम्हारे सवाल का जवाब दे दूंगा।”
जैसे ही वो लोग नदी में थोड़ा आगे बड़े तो सुकरात ने अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर उस व्यक्ति को पानी में डूबा दिया। पानी में डूबते ही वो व्यक्ति इधर उधर हाथ पैर मारने लगा। उसको छटपटाता देख थोड़ी देर में सुकरात ने उसे छोड़ दिया और वह व्यक्ति तेजी से तैरता हुवा नदी से बाहर आया और जोर जोर से सांसें लेने लगा। थोड़ा देर बाद जब वह सामान्य हुवा तो उसने सुकरात से कहा, “अपने मुझे यहां मेरे सवाल का जवाब देने बुलाया है या फिर मेरी जान लेने के लिए।”
उसकी बात सुनकर सुकरात ने पूछा, “जब तुम पानी के अंदर डूब रहे थे तो उस वक्त तुम क्या चाहते थे?”
वो व्यक्ति बोला, “उस वक्त में बस किसी भी तरह पानी से बाहर निकलकर सांस लेना चाहता था और अपनी जान बचाना चाहता था।”
सुकरात बोले, “बस यही तो तुम्हारे सवाल का जवाब है। जब तुम सफलता को भी इतनी ही तीव्र इच्छा से पाना चाहोगे जितनी तीव्र इच्छा से तुम सांसे लेकर अपनी जान बचाना चाहते थे, तब तुम्हें सफलता जरूर प्राप्त होगी।”
इस कहानी का निष्कर्ष यह है कि सफलता को प्राप्त करने के लिए हमें उसकी तीव्र इच्छा रखनी चाहिए। सुकरात ने बताया कि जब हम सफलता को इतनी ही जुनून से चाहेंगे जितना हम जीवन की रक्षा के लिए चाहते हैं, तो हम सफलता को अवश्य प्राप्त करेंगे। इसलिए, हमें निरंतर मेहनत करते रहना चाहिए और सफलता की प्राप्ति के लिए अपनी तीव्र इच्छा बनाए रखनी चाहिए।