23/07/2026
समय-सीमा के प्रकरणों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी, राजस्व एवं विकास कार्यों में लाएं गति - कलेक्टर
एनएच-552 के मुआवजे का वितरण 25 जुलाई तक पूर्ण करें, ग्रीनफील्ड परियोजना के भू-अर्जन में भी तेजी लाएं
खाद वितरण, अतिक्रमण, पीएम आवास, जल जीवन मिशन एवं सीएम हेल्पलाइन की विस्तृत समीक्षा, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
कलेक्टर श्री लोकेश कुमार जांगिड़ ने समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाले सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि लापरवाही या अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि राष्ट्रीय राजमार्ग-552 के लिए लंबित मुआवजा वितरण का कार्य 25 जुलाई तक हर हाल में पूर्ण किया जाए। साथ ही ग्रीनफील्ड परियोजना के अंतर्गत भू-अर्जन एवं मुआवजा वितरण की प्रक्रिया में भी तेजी लाई जाए, जिससे परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब न हो।
कलेक्टर ने 100 दिवस से अधिक लंबित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि इनका त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबित प्रकरणों के निराकरण में किसी प्रकार की शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में भू-अर्जन, भूमि आवंटन एवं लंबित राजस्व प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिन तहसीलदारों द्वारा अब तक आवश्यक भूमि चिन्हांकन नहीं किया गया है, उनके प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शासकीय आवासों पर अवैध कब्जों के संबंध में कहा कि जिन मामलों में न्यायालय का निर्णय प्रशासन के पक्ष में आ चुका है तथा स्थगन आदेश प्राप्त नहीं है, वहां तत्काल अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही जिन शासकीय कर्मचारियों का स्थानांतरण छह माह पूर्व हो चुका है अथवा जो सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनके कब्जे वाले शासकीय आवास भी शीघ्र खाली कराए जाएं।
कलेक्टर ने जिले में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मार्कफेड अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोर्टल पर उपलब्ध खाद का पूरा स्टॉक प्रदर्शित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने एसडीएम को निर्देशित किया कि खाद विक्रेताओं का नियमित निरीक्षण करें तथा यदि कोई विक्रेता निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर खाद बेचता पाया जाए तो उसके विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की जाए। उप संचालक कृषि को निर्देश दिए गए कि खाद वितरण का समय प्रातः 8:30 बजे से निर्धारित करते हुए आदेश जारी करें तथा सभी एसडीएम इसकी नियमित मॉनिटरिंग करें। साथ ही फार्मर आईडी से संबंधित समस्याओं का भी शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों पर गिट्टी एवं मुरम डालकर तत्काल मरम्मत कराई जाए, जिससे आमजन को आवागमन में परेशानी न हो। उन्होंने स्कूल एवं आंगनवाड़ी भवनों की जर्जर छतों एवं आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने जाति, आय एवं निवास प्रमाण-पत्र सहित अन्य नागरिक सेवाओं के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को मूलभूत प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए। साथ ही सभी लंबित समय-सीमा (टीएल) प्रकरणों का अगली समीक्षा बैठक से पूर्व निराकरण करने के निर्देश देते हुए कहा कि लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि खरीफ सीजन दौरान शासकीय भूमि, गोचर भूमि अथवा अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण नहीं होना चाहिए। यदि नया अतिक्रमण पाया जाता है तो संबंधित तहसीलदार की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
जल जीवन मिशन की हैंडओवर योजनाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि जिन योजनाओं का हस्तांतरण पंचायतों को किया जा चुका है, उनकी मरम्मत एवं संचालन की जिम्मेदारी संबंधित पंचायतों की होगी तथा सभी पेयजल योजनाएं पूर्णतः क्रियाशील रहना सुनिश्चित किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही कृषि वर्ष डैशबोर्ड की समीक्षा कर सभी संकेतकों में सुधारात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
बैठक में नामांतरण, बंटवारा एवं सीमांकन के तीन माह से अधिक लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी लंबित मामलों का समयबद्ध निराकरण किया जाए। यदि किसी पटवारी द्वारा जानबूझकर नामांतरण अथवा अन्य राजस्व प्रकरणों में विलंब किया जाता है तो संबंधित एसडीएम उसके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को प्रतिदिन नियमित रूप से राजस्व न्यायालय संचालित करने के निर्देश दिए तथा कहा कि बिना ठोस कारण के न्यायालय स्थगित नहीं किए जाएं। प्रत्येक कार्य दिवस में नियमित सुनवाई कर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि कम से कम 25 पटवारियों को रोवर प्रणाली का प्रशिक्षण दिलाया जाए तथा सीमांकन संबंधी प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए एसडीएम नियमित मॉनिटरिंग करें, जिससे राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता एवं गति लाई जा सके।
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