04/11/2025
आज क़लम उठाते हुए हाथ काँप रहे हैं, और दिल ज़ोर-ज़ोर से रो रहा है। ऐसा लग रहा है जैसे पूरे मेवात पर ग़म का पहाड़ टूट पड़ा हो।🥹
हमारा शेर, हमारा हीरो, मुबारिक पहलवान—जिसने अपनी पहलवानी से उदाका गाँव की मिट्टी को सोना बना दिया था, आज उसे 20 साल की सज़ा सुना दी गई है।
20 साल! यह सिर्फ एक मुद्दत नहीं है; यह एक जवान बेटे से उसके माँ-बाप का, उसके अपनों का 20 साल का इंतज़ार छीन लेना है। यह 20 साल उसकी जवानी को ज़ाया कर देना है।
हम सब जानते हैं कि मुबारिक कितना नेक और सच्चा था, फिर भी कुछ जालिम रंजिशों ने उसे एक ऐसे गंदे और झूठे मुक़दमे में फँसा दिया कि आज उसकी पूरी दुनिया तबाह हो गई है।
वह तीन-चार साल से जेल में इंसाफ़ की आस लगाए बैठा था, लेकिन आज इंसाफ़ की उम्मीद ही दम तोड़ गई है।
मेवात वासियों! क्या हम अपने बेटे को यूं ही हारने देंगे?
इस वक़्त, मुबारिक के परिवार का दर्द हमारी सोच से कहीं ज़्यादा है।
या अल्लाह! मुबारिक पहलवान के घरवालों को, ख़ासकर उनकी माँ और वालिद को, इस सख़्त इम्तिहान की घड़ी में सब्र-ए-जमील अता फरमाई। उनके दिल को मज़बूती दे।
हम सब मुबारिक के साथ खड़े हैं। दुआ करो, आवाज़ उठाओ, ताकि सच सामने आ सके।पूरी बात सुने और जवाब दो 🥹👍😌