27/08/2026
RHA रिज़र्वेशन रिफ़ॉर्म मूवमेंट' आरक्षण सुधार आंदोलन ने सरकार के सामने अपनी 8 मांगें रखी है।
ये रही सभी 8 मांगें। 👇
1. जनरल कैटेगरी के लिए राष्ट्रीय आयोग जनरल कैटेगरी का प्रतिनिधित्व करने और उनके समाधान के लिए एक राष्ट्रीय आयोग (NCGC) का गठन किया जाए।
2. SC/ST में क्रीमी लेयर: SC/ST आरक्षण में 'क्रीमी लेयर' का प्रावधान लागू किया जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आरक्षण का लाभ हर समुदाय तक पहुँचे।
3. एक परिवार, एक आरक्षण, एक बार: लाभों के समान वितरण के लिए 'एक परिवार, एक आरक्षण' और 'एक बार आरक्षण' का सिद्धांत लागू किया जाए।
4. न्यूनतम कट-ऑफ मार्क्स अनिवार्य किए जाएं और यह सुनिश्चित हो, कि ओपन कैटेगरी के लिए सीटें उपलब्ध रहें।
5. आरक्षण के 75 वर्षों की समीक्षा करते हुए एक 'श्वेत पत्र' (White Paper) जारी किया जाए, जिसमें यह देखा जाए कि किन समुदायों को कितना लाभ मिला है और क्या उद्देश्य पूरे हुए हैं। समय-समय पर समीक्षा के साथ 'सनसेट क्लॉज़' (एक निश्चित समय के बाद समीक्षा/समाप्ति का नियम) लागू किया जाए।
6. प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण पर कोई चर्चा नहीं: प्राइवेट सेक्टर में कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए; प्राइवेट सेक्टर में रोज़गार योग्यता और क्षमता पर आधारित है...!
7. UGC के इक्विटी नियमों (Equity Regulations) को वापस लिया जाए या जनरल कैटेगरी (GCs) को भी उनके दायरे में शामिल किया जाए।
8. SC/ST एक्ट की समीक्षा और दुरुपयोग से बचाव: SC/ST एक्ट की समीक्षा की जाए, जिसमें अनिवार्य प्रारंभिक जांच, कम गंभीर आरोपों में ज़मानत, और झूठे मामलों व इस एक्ट का दुरुपयोग करने वाले पर कठोर कार्रवाई हों।
जब तक sc st केस का अंतिम फैसला नहीं आ जाता और आरोपी दोषी साबित नहीं हो जाता तब तक किसी तरह का मुआवजा नहीं मिलना चाहिए। फसाद की जड़ में से एक सिरा ये फ्री का मुआवजा भी है।
कैश अगर झूठ पाया जाता है आरोप सिद्ध नहीं हो पाता है तो दिए हुए मुआवजा का 4 गुना भारत सरकार को लौटना पड़ेगा, या फिर उसके विरुद्ध कड़ी कारवाही होगी जिनमें 10 साल की जेल तक हो।
समाज का उत्पीड़न अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
#एससीएसटी