02/05/2026
प्राकृतिक खेती का असली अर्थ
पूर्ण परिवर्तन: बदलाव का मतलब पूरी तरह बदलना है; आधा-अधूरा बदलाव वास्तविक परिवर्तन नहीं है।
कुदरत से जुड़ाव: खेती की व्यवस्था प्रकृति के साथ मिलकर और उसके तंत्र के अनुसार होनी चाहिए।
मुख्य सिद्धांत
देशी बीज: खेती में केवल पारंपरिक "देशी" बीजों का उपयोग होना चाहिए, क्योंकि प्रकृति हाइब्रिड बीजों का समर्थन नहीं करती।
बाजार पर शून्य निर्भरता: खाद और दवाइयों के लिए बाजार पर निर्भरता खत्म होनी चाहिए।
स्वयं के संसाधन: सभी इनपुट (खाद, दवाइयां) अपने ही फार्म के होने चाहिए या अन्य किसानों के सहयोग से मिलने चाहिए।
प्रचलित गलतियों की आलोचना
हाइब्रिड और बाहरी खाद: लगभग 98-99% लोग जैविक खेती के नाम पर बाजार से खाद ला रहे हैं या हाइब्रिड बीजों का उपयोग कर रहे हैं, जो गलत है।
पॉलीहाउस का विरोध: प्लास्टिक और पॉलीहाउस का उपयोग प्रकृति के विरुद्ध है और इसे "प्राकृतिक खेती" कहना विरोधाभासी है।
व्यवस्थित दृष्टिकोण: यदि आपके पास स्वयं की नीम की पत्तियां काम नहीं कर रही हैं, तो बाजार की जैविक दवाइयां भी काम नहीं करेंगी।